
लुधियाना। पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना से रिश्तों को तार-तार कर देने वाला एक बेहद ही दुखद और शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ के न्यू आजाद नगर मोहल्ले में एक कलयुगी बेटे, बहू और तीन पोतों ने मिलकर अपने ही 61 वर्षीय बुजुर्ग पिता को न सिर्फ बेरहमी से पीटा, बल्कि उन्हें उनके ही घर से धक्के मारकर बाहर निकाल दिया। इस ढलती उम्र में अपनों के ही जुल्म का शिकार हुए पीड़ित बुजुर्ग ने न्याय के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाया है। बुजुर्ग की लिखित शिकायत के आधार पर स्थानीय थाना डाबा पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए परिवार के पाँचों आरोपित सदस्यों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई अपनी लिखित शिकायत में 61 वर्षीय पीड़ित बुजुर्ग जोगिंदर चौधरी ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वे न्यू आजाद नगर इलाके में अपने परिवार के साथ रहते हैं। लेकिन पिछले काफी समय से उनका अपना घर उनके लिए किसी नर्क से कम नहीं रह गया था। जोगिंदर चौधरी ने आरोप लगाया कि उनका सगा बेटा अनिल कुमार, बहू पम्मी देवी और उनके तीन सगे पोते दीपक कुमार, निखिल कुमार तथा पवन कुमार आए दिन उनके साथ बिना किसी वजह के विवाद करते थे और उनके साथ बेहद अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज किया करते थे।
पीड़ित बुजुर्ग ने बताया कि उन्होंने परिवार के मुखिया होने के नाते कई बार अपने बेटे, बहू और पोतों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने हाथ जोड़कर उनसे ऐसा अमानवीय व्यवहार न करने की विनती की और कहा कि इस उम्र में उन्हें मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना न दी जाए। लेकिन समझाने का आरोपितों पर कोई सकारात्मक असर नहीं हुआ, बल्कि समय के साथ उनका हौसला और क्रूरता और ज्यादा बढ़ती चली गई। स्थिति सुधरने के बजाय इतनी बदतर हो गई कि आरोपित बुजुर्ग को कथित तौर पर जान से मारने की धमकियां देने लगे और उन्हें घर पर कब्जा करने की नीयत से बाहर निकालने की साजिश रचने लगे।
इस मानसिक प्रताड़ना ने तब एक भयानक रूप ले लिया जब इन पाँचों आरोपितों ने मिलकर बुजुर्ग जोगिंदर चौधरी पर हमला कर दिया। उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और अंततः उन्हें बेसहारा हालत में घर से बाहर निकाल दिया गया। इस उम्र में जहाँ एक बुजुर्ग को अपने बच्चों के सहारे और सम्मान की जरूरत होती है, वहाँ उन्हें अपनों की ही मार खाकर सड़कों पर आने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस घटना के बाद पीड़ित बुजुर्ग अंदर से पूरी तरह टूट गए, लेकिन उन्होंने हौसला न हारते हुए डाबा थाने जाकर पुलिस को इस पूरी प्रताड़ना की जानकारी दी।
थाना डाबा पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता और बुजुर्ग की लाचारी को देखते हुए बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने पीड़ित जोगिंदर चौधरी की शिकायत के आधार पर उनके बेटे अनिल कुमार, बहू पम्मी देवी और तीनों पोतों दीपक, निखिल व पवन कुमार के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इलाके में जाकर तफ्तीश शुरू कर दी है और आस-पास के पड़ोसियों से भी इस पारिवारिक विवाद और मारपीट की घटना को लेकर पूछताछ की जा रही है।
मामले की जानकारी देते हुए थाना डाबा के जांच अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने बुजुर्ग की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है और सभी पाँचों आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस पारिवारिक और कानूनी मामले के सभी तकनीकी व जमीनी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और सबूत सामने आएंगे, उसके आधार पर सभी आरोपितों को जल्द ही गिरफ्तार कर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर समाज में बुजुर्गों की सुरक्षा और उनके अधिकारों पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।





