पंजाब

मुद्दे पर आगे चल रही भाजपा, पंजाब में जरनैल सिंह भिंडरावाले पर पसोपेश में फंसी

Admin4
17 July 2022 5:03 PM IST
मुद्दे पर आगे चल रही भाजपा, पंजाब में जरनैल सिंह भिंडरावाले पर पसोपेश में फंसी
x

पंजाब में भाजपा को सिख चेहरों की जरूरत है, क्योंकि पंथक पार्टी अकाली दल से उसका नाता टूट चुका है। 2017 के चुनाव में भाजपा ने 117 विधानसभा सीटों में से सिर्फ 23 पर चुनाव लड़ा था।

पंजाब में भारतीय जनता पार्टी में जरनैल सिंह भिंडरांवाले पर अंदरूनी घमासान शुरू हो गया है। देश में हिंदुत्व व राष्ट्रवाद के मुद्दे पर आगे बढ़ रही भाजपा पंजाब में पशोपेश में है। पार्टी ने 2022 में विधानसभा में काफी सिख नेताओं को पार्टी में शामिल कर उन्हें पहली कतार में बैठाया था। हाल ही में प्रदेश में पीआरटीसी की बसों पर भिंडरांवाले की तस्वीर को लेकर माहौल काफी गरम रहा। तस्वीरों को हटाया जाने लगा तो एसजीपीसी की दखलअंदाजी व सिख समुदाय के रोष के चलते पंजाब सरकार ने फैसला वापस ले लिया।

भाजपा के हिंदुत्व के एजेंडे पर चलते हुए पार्टी महासचिव सुभाष शर्मा ने कहा कि यह आदेश इस बात का सुबूत है कि सरकार ने पंजाब में सरकारी बसों से आतंकवादियों की तस्वीरें हटाने के फैसले को वापस ले लिया है। इस पर हाल ही में भाजपा में शामिल हुए प्रो. सरचंद सिंह खियाला ने सुभाष शर्मा को घेर लिया और आतंकवादी शब्द पर सख्त प्रतिक्रिया दी। प्रो. खियाला ने कहा है कि वह जरनैल सिंह भिंडरांवाले को आतंकवादी कहने का कड़ा विरोध करते हैं। सिख समुदाय भिंडरांवाले को अपना आदर्श मानता है। उनके खिलाफ साक्ष्य सहित कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।

दमदमी टकसाल की अगुवाई कर चुके हैं भिंडरांवाले

प्रो. सरचंद सिंह लंबे समय तक अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के मीडिया सलाहकार और दमदमी टकसाल के प्रवक्ता रहे हैं। दमदमी टकसाल एक सिख शैक्षिक संगठन है और इस क्षेत्र में पंथवादी मुद्दों पर एक प्रमुख आवाज माना जाता है। इसकी अगुवाई भिंडरांवाले ने भी की। भाजपा में ऐसे नेताओं की एंट्री हो चुकी है, जिनका अतीत गर्मख्याली रहा है। पार्टी ने हरिंदर सिंह काहलों को शामिल किया, जिसने ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन का नेतृत्व किया और 1980 के दशक में कट्टरपंथी आंदोलनों के सबसे महत्वपूर्ण नेताओं में से एक रहे। उन्हें देशद्रोह के आरोपों का भी सामना करना पड़ा था। अब वह भाजपा के नामचीन नेता हैं।

पंजाब में भाजपा को सिख चेहरों की जरूरत

पंजाब में भाजपा को सिख चेहरों की जरूरत है, क्योंकि पंथक पार्टी अकाली दल से उसका नाता टूट चुका है। 2017 के चुनाव में भाजपा ने 117 विधानसभा सीटों में से सिर्फ 23 पर चुनाव लड़ा था, लेकिन 2022 में अकाली दल के बिना भाजपा को सिख चेहरों के साथ चुनाव लड़ना था, लिहाजा काफी सिख नेताओं व विद्वानों को पार्टी में शामिल करवाया गया। इसी क्रम में मनजिंदर सिंह सिरसा समेत काफी सिख मिशनरी नेता भी भाजपा का हिस्सा बन गए।

पक्का वोट बैंक खिसक रहा

पंजाब में भाजपा अभी तक हिंदुओं को अपना पक्का वोट बैंक मानकर चलती रही है। सूबे में हिंदुओं की आबादी लगभग 38 प्रतिशत है। पार्टी के काफी टकसाली नेता इस बात से असहज हो गए हैं कि वह हिंदुत्व कार्ड को लेकर आगे कैसे बढ़ सकते हैं? उनका अपना पक्का वोट बैंक खिसक रहा है। लिहाजा भाजपा लीडरशिप के लिए स्थिति भी काफी मुश्किल भरी बन गई है।

जिसको भारतीय सेना ने मारा, उसकी फोटो सरकारी प्रापर्टी पर क्यों

भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य अमित तनेजा का कहना है कि सरकारी संपत्ति पर अराजक तत्वों की फोटो लगाना ठीक नहीं है। जिसको भारतीय सेना ने एक ऑपरेशन के दौरान मारा हो, उसकी फोटो लगाना क्या सेना का अपमान नहीं है, वह भी सरकारी प्रापर्टी पर? ऐसे तो पंजाब में सिविल वार शुरू हो जाएगा। कोई इंदिरा गांधी की फोटो लगा देगा तो कोई जनरल वैद्य की। भाजपा आतंकवाद के खिलाफ डटकर खड़ी है और राष्ट्रवाद हमारा मुख्य एजेंडा है, बाकी सब बाद में।

हमारे समाज की भावनाएं आहत होती हैं, फोटो क्यों

भाजपा के जिला प्रधान सुशील शर्मा का कहना है कि भिंडरांवाले की तस्वीर से हमारे समाज की भावनाएं आहत होती हैं। पंजाब में कितने साल आतंकवाद रहा है। ऐसे लोगों की तस्वीरें क्यों ? भाजपा आतंकवाद के खिलाफ डटकर खड़ी है और खड़ी रहेगी।


Next Story