पंजाब

Punjab में बिश्नोई गैंग का आतंक, मजीठिया, वड़िंग और रंधावा को धमकी

Ratna Netam
25 April 2026 3:34 PM IST
Punjab में बिश्नोई गैंग का आतंक, मजीठिया, वड़िंग और रंधावा को धमकी
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Punjab.पंजाब: लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने हाल ही में पंजाब के नेताओं — सुखबीर सिंह मजीठिया, नवजोत सिंह सिद्दू के करीबी सहयोगी वड़िंग और रंधावा — को धमकी भरे संदेश भेजे हैं। धमकी का कारण राज्य में बनने वाली एक विवादित डॉक्यूमेंट्री के बैन से जुड़ा बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इन नेताओं को चेतावनी दी कि अगर वे डॉक्यूमेंट्री को रोकने या प्रतिबंधित करने की कोशिश करेंगे, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। धमकी में हिंसा का इशारा किया गया है, जिससे राज्य में कानून व्यवस्था के अधिकारी सतर्क हो गए हैं।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी है। पंजाब पुलिस ने कहा कि धमकी भेजने वाले के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी और नेताओं की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारी इस मामले में साइबर जाँच और नेटवर्क ट्रैकिंग के जरिए बिश्नोई गैंग के संपर्क में आने वाले किसी भी सदस्य तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना राज्य की राजनीतिक और सामाजिक स्थिरता के लिए चुनौती पेश कर सकती है। उन्होंने बताया कि ऐसे धमकी भरे संदेश केवल व्यक्तिगत नेताओं को नहीं, बल्कि पूरे लोकतांत्रिक तंत्र और मीडिया पर दबाव डालने का प्रयास हैं।
मजीठिया, वड़िंग और रंधावा ने भी सार्वजनिक रूप से कहा कि वे किसी भी तरह के धमकियों से प्रभावित नहीं होंगे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुसार ही निर्णय लेंगे। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि गैंगस्टर और अपराधियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में किसी और नेता या नागरिक को खतरा न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिश्नोई गैंग जैसी माफिया संरचनाओं द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल धमकी देने के लिए एक नई चुनौती बन गई है। उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस को इस तरह के मामलों में तेज़ और प्रभावी कार्रवाई करनी होगी।
इससे पहले भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने पंजाब में कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों को धमकी दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों को नियंत्रित करने के लिए सख्त निगरानी और साइबर सुरक्षा पर ध्यान देना अनिवार्य है।
इस घटना ने पंजाब में मीडिया और राजनीतिक दलों के बीच भी चिंता पैदा कर दी है। डॉक्यूमेंट्री बैन के मुद्दे को लेकर सामाजिक और राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अधिकारियों ने कहा कि मामले की गहन जांच जारी है और दोषियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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