पंजाब

परगट सिंह पर बाजवा का बड़ा बयान कांग्रेस में गुटबाजी से इनकार

Ratna Netam
3 Oct 2026 9:06 PM IST
परगट सिंह पर बाजवा का बड़ा बयान कांग्रेस में गुटबाजी से इनकार
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होशियारपुर। पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा शनिवार को होशियारपुर पहुंचे, जहां उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक पवन आदिया के आवास पर स्थानीय पार्टी नेताओं के साथ बैठक की। इस दौरान पंजाब कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह की नियुक्ति और पार्टी संगठन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बाजवा ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति कांग्रेस हाईकमान का फैसला है और पार्टी के सभी नेताओं ने इसे स्वीकार किया है।
बैठक में पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा, पूर्व विधायक अरुण डोगरा, अमरप्रीत सिंह लाली, विधानसभा क्षेत्र प्रभारी गुरशंकर समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे। बाजवा की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब कांग्रेस ने पंजाब में बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए परगट सिंह को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान सौंपी है।
पत्रकारों से बातचीत में प्रताप सिंह बाजवा ने अपने होशियारपुर दौरे को किसी विशेष राजनीतिक अभियान से जोड़ने से इनकार किया। उन्होंने बताया कि वह अपने घर की ओर जा रहे थे और होशियारपुर उनके रास्ते में पड़ता है। इसी कारण उन्होंने यहां रुककर पार्टी के पुराने साथियों और स्थानीय नेताओं से मिलने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं के साथ मुलाकात और बातचीत संगठनात्मक प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है।
पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष परगट सिंह को लेकर पूछे गए सवाल पर बाजवा ने कहा कि उनकी नियुक्ति का फैसला कांग्रेस हाईकमान ने लिया है और पार्टी नेतृत्व ने इसे स्वीकार किया है। उन्होंने पार्टी के भीतर किसी तरह की गुटबाजी होने से इनकार करते हुए कांग्रेस को एकजुट बताया। बाजवा के मुताबिक पार्टी के नेता मिलकर आगे की राजनीतिक और संगठनात्मक चुनौतियों का सामना करेंगे।
कांग्रेस ने 2 अक्टूबर को परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया था। वह अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने परगट सिंह के नाम पर मुहर लगाई। परगट सिंह जालंधर कैंट से विधायक हैं और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान भी रह चुके हैं। वह पंजाब सरकार में मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद परगट सिंह ने भी संगठन को मजबूत करने और सभी नेताओं को साथ लेकर चलने की बात कही है। उन्होंने अपने खेल जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि टीम का नेतृत्व करने के अनुभव ने उन्हें सामूहिक प्रयास का महत्व सिखाया है। उनका कहना है कि वह पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम करेंगे।
पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस का यह संगठनात्मक बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी ने चुनाव से पहले प्रदेश नेतृत्व में परिवर्तन किया है। हालांकि पार्टी के भीतर मतभेदों और गुटबाजी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं होती रही हैं, बाजवा ने होशियारपुर में स्पष्ट रूप से ऐसी बातों को खारिज किया और संगठन की एकजुटता पर जोर दिया। दूसरी ओर, कुछ मीडिया रिपोर्टों ने हाल के महीनों में वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेदों का उल्लेख किया है।
परगट सिंह के सामने अब प्रदेश संगठन को चुनाव के लिए तैयार करने की जिम्मेदारी है। जिला और विधानसभा क्षेत्र स्तर पर संगठन को सक्रिय करना, पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल तथा चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाना प्रदेश अध्यक्ष की प्रमुख संगठनात्मक जिम्मेदारियों में शामिल होगा। खुद परगट सिंह ने जिम्मेदारी मिलने के बाद कहा है कि वह पंजाब के मुद्दों को उठाने और पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।
प्रताप सिंह बाजवा की होशियारपुर में स्थानीय नेताओं के साथ हुई बैठक को भी इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। हालांकि बाजवा ने साफ किया कि उनका होशियारपुर पहुंचना पहले से तय किसी विशेष राजनीतिक कार्यक्रम का हिस्सा नहीं था। रास्ते में होने के कारण उन्होंने पार्टी नेताओं से मुलाकात की और उनके साथ बातचीत की।
बाजवा के बयान का मुख्य संदेश प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बाद एकजुटता दिखाने का रहा। उन्होंने परगट सिंह की नियुक्ति को हाईकमान का फैसला बताते हुए उसके प्रति समर्थन जताया। अब पंजाब कांग्रेस में नए प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में संगठनात्मक गतिविधियां आगे बढ़ेंगी और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां पार्टी के राजनीतिक एजेंडे के केंद्र में रहेंगी।

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