पंजाब

Amritsar में बैसाखी की धूम, गुरुद्वारों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

Ratna Netam
15 April 2026 12:24 PM IST
Amritsar में बैसाखी की धूम, गुरुद्वारों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
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Punjab.पंजाब: अमृतसर में बैसाखी का पर्व इस वर्ष पूरे जोश, श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर के प्रमुख गुरुद्वारों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दराज से आए लोगों ने मत्था टेककर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
विशेष रूप से स्वर्ण मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। पवित्र सरोवर में स्नान करने और गुरु ग्रंथ साहिब के दर्शन के लिए लंबी कतारें देखी गईं। गुरुद्वारे को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया था, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
बैसाखी के मौके पर गुरुद्वारों में विशेष कीर्तन और अरदास का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन में हिस्सा लेकर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया। इसके साथ ही लंगर की व्यवस्था भी बड़े स्तर पर की गई, जहां हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
शहर के विभिन्न हिस्सों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ। पारंपरिक भंगड़ा और गिद्धा नृत्य ने उत्सव की रौनक को और बढ़ा दिया। स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का मन मोह लिया। बाजारों में भी खास चहल-पहल देखने को मिली, जहां लोग नए कपड़े और मिठाइयों की खरीदारी करते नजर आए।
प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात रहा और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए। स्वास्थ्य सेवाओं की टीम भी अलर्ट पर रही, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
बैसाखी का यह पर्व सिख धर्म में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन खालसा पंथ की स्थापना हुई थी। इस ऐतिहासिक महत्व के कारण श्रद्धालुओं में इस दिन को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिलता है।
कुल मिलाकर, अमृतसर में बैसाखी का पर्व धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आया। लोगों ने मिल-जुलकर इस पावन अवसर को मनाया और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। यह उत्सव न केवल परंपरा को जीवित रखने का माध्यम है, बल्कि समाज में भाईचारे और सौहार्द का संदेश भी देता है।
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