पंजाब

2200 रुपये के विवाद में BJP कार्यालय पर हमला, विदेश कनेक्शन

Saba Naaz
28 July 2026 8:25 PM IST
2200 रुपये के विवाद में BJP कार्यालय पर हमला, विदेश कनेक्शन
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संगरूर। पंजाब के संगरूर में भाजपा जिला कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों का संपर्क विदेश में बैठे एक व्यक्ति से इंटरनेट मीडिया के जरिए हुआ था। आरोप है कि उसी व्यक्ति ने बड़ी रकम का लालच देकर भाजपा कार्यालय पर हमला करवाया।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में एक डिलीवरी ब्वाय और दूसरा बढ़ई है। दोनों आरोपियों की पहचान हैपी सिंह उर्फ हैपी निवासी भम्माबंदी थाना लोंगोवाल और जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सी निवासी शहीद ऊधम सिंह बस्ती, लहरा के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

संगरूर के एसएसपी डॉ. रवजोत ग्रेवाल ने बताया कि 26 जुलाई की रात करीब 2:35 बजे दो अज्ञात युवक उपली गांव की तरफ से पैदल सड़क पर पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने बोतल में आग लगाकर भाजपा जिला कार्यालय की ओर फेंकी और मौके से फरार हो गए। इस घटना का उद्देश्य इमारत को नुकसान पहुंचाना और इलाके का माहौल खराब करना था।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए एसपी (जांच) दविंदर अत्तरी की निगरानी में कई पुलिस टीमों का गठन किया गया। इसमें डीएसपी दलवीर सिंह सिद्धू, डीएसपी सतनाम सिंह, डीएसपी डिटेक्टिव सुखदेव सिंह, थाना सिटी-1 के प्रभारी इंस्पेक्टर सुखदीप सिंह और सीआईए स्टाफ प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप सिंह समेत कई अधिकारियों को शामिल किया गया।

जांच में काउंटर इंटेलिजेंस की एआईजी डॉ. सिमरत कौर की टीम ने भी अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने तकनीकी जांच, इंटरनेट मीडिया गतिविधियों और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई और दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि दोनों आरोपियों का संपर्क इंटरनेट मीडिया के जरिए विदेश में बैठे ‘राणा भाई’ नामक व्यक्ति से हुआ था। पुलिस के अनुसार, राणा भाई ने दोनों आरोपियों को भाजपा कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने और पूरी घटना का वीडियो बनाकर भेजने के लिए उकसाया था। इसके बदले उन्हें बड़ी रकम देने का लालच दिया गया था।

आरोपियों ने वारदात के बाद घटना का वीडियो बनाकर राणा भाई को भेजा। पुलिस जांच में सामने आया है कि राणा भाई ने यूपीआई के जरिए दोनों आरोपियों को दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल 2200 रुपये भेजे थे। इनमें एक आरोपी को 1200 रुपये और दूसरे को 1000 रुपये दिए गए थे। आरोपियों को उम्मीद थी कि वीडियो भेजने के बाद उन्हें बाकी रकम भी मिल जाएगी।

पुलिस अब विदेश में बैठे राणा भाई की पहचान करने में जुटी हुई है। इसके लिए उसके इंटरनेट मीडिया अकाउंट, यूपीआई आईडी और अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस साजिश में और कितने लोग शामिल हैं और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है।

पुलिस ने इस मामले में दर्ज केस में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी यूएपीए की धाराएं भी जोड़ दी हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी कुछ अन्य गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

गिरफ्तार आरोपी हैपी सिंह की उम्र 22 वर्ष है और वह फ्लिपकार्ट में काम करता है, जबकि 26 वर्षीय जसप्रीत सिंह जस्सी पेशे से बढ़ई है। दोनों की पहचान इंटरनेट मीडिया के जरिए हुई थी और बाद में दोनों ने मिलकर विदेश में बैठे व्यक्ति के निर्देश पर इस वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को लालच देकर आपराधिक गतिविधियों में शामिल करने की कोशिशों पर लगातार नजर रखी जा रही है। संगरूर पेट्रोल बम मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि किस तरह ऑनलाइन नेटवर्क का इस्तेमाल कर युवाओं को अपराध के लिए उकसाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।

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