पंजाब

कलाकार जगजोत रूबल ने 14 दिन में बनाया रूसी राष्ट्रपति पुतिन का 5×7 फीट का पेंटिंग

SHIDDHANT
3 Dec 2025 10:58 PM IST
कलाकार जगजोत रूबल ने 14 दिन में बनाया रूसी राष्ट्रपति पुतिन का 5×7 फीट का पेंटिंग
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Amritsar अमृतसर: प्रसिद्ध कलाकार जगजोत रूबल ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भव्य 5×7 फीट का पेंटिंग तैयार किया है, जो उन्होंने पुतिन के भारत दौरे से पहले पूरा किया। इस पेंटिंग को बनाने में कलाकार ने 14 दिन का समय लगाया। जगजोत रूबल ने बताया कि यह पेंटिंग उन्होंने विशेष रूप से रूस-भारत संबंधों और पुतिन के आगामी दौरे को ध्यान में रखते हुए बनाई है। उन्होंने कहा, "मैंने यह पेंटिंग रूस और भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को सम्मान देने के लिए बनाई है। इस चित्र में पुतिन के व्यक्तित्व और उनके नेतृत्व की ताकत को उकेरने की कोशिश की गई है।"
पेंटिंग को तैयार करने के दौरान जगजोत ने तेल आधारित रंगों और कैनवास तकनीक का इस्तेमाल किया। उन्होंने बताया कि चित्र में पुतिन की आंखों में एक दृढ़ता और चेहरे पर गंभीरता दिखाने पर विशेष ध्यान दिया गया। उनका मानना है कि पेंटिंग का उद्देश्य केवल रूपांकण करना नहीं है, बल्कि यह संदेश देना भी है कि कला के माध्यम से राजनयिक और वैश्विक संबंधों की महत्ता को प्रदर्शित किया जा सकता है।
अमृतसर के कला प्रेमियों और स्थानीय मीडिया ने इस पेंटिंग को देखकर कलाकार की
कुशलता
और धैर्य की प्रशंसा की। स्थानीय कलाकार और छात्र इस पेंटिंग की प्रदर्शनी में पहुंचे और कलाकार से प्रेरणा ली। जगजोत ने कहा कि इस पेंटिंग का मुख्य मकसद युवाओं में कला और वैश्विक घटनाओं के प्रति जागरूकता पैदा करना है।
इस पेंटिंग को शहर के लोकप्रिय कला गैलरी में प्रदर्शित किया गया है। यहां आने वाले लोग पेंटिंग को देखकर पुतिन के व्यक्तित्व और उनके वैश्विक नेतृत्व के पहलुओं को समझने की कोशिश कर रहे हैं। गैलरी के एक प्रबंधक ने कहा कि "जगजोत रूबल की यह पेंटिंग स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है। यह भारतीय कलाकारों की क्षमता और उनके दृष्टिकोण को भी प्रदर्शित करती है।"
जगजोत ने भविष्य में भी ऐसे वैश्विक नेताओं और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों की पेंटिंग बनाने की योजना बनाई है। उनका मानना है कि चित्रकला के माध्यम से समाज में जागरूकता और सौहार्द्र फैलाया जा सकता है। अमृतसर में जगजोत रूबल की यह पेंटिंग इस समय चर्चा का विषय बनी हुई है। कला जगत में इसे भारतीय कलाकारों की अंतरराष्ट्रीय स्तर की कला क्षमता का उदाहरण माना जा रहा है। पेंटिंग को देखकर यह स्पष्ट होता है कि कला न केवल व्यक्तिगत सृजन का माध्यम है, बल्कि यह वैश्विक और सामाजिक संवाद का भी जरिया बन सकती है। इस तरह, जगजोत रूबल की यह पेंटिंग केवल एक कलाकृति नहीं, बल्कि भारत-रूस संबंधों के प्रतीक और कला के माध्यम से वैश्विक संदेश का प्रतीक भी बन गई है।
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