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Punjab पंजाब। 77वें गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर अमृतसर स्थित अटारी-वाघा बॉर्डर को राष्ट्रीय ध्वज और तिरंगे की रौशनी से सजाया गया। इस अवसर पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) और स्थानीय प्रशासन ने विशेष तैयारी की थी, ताकि समारोह का आयोजन भव्य और सुरक्षित रूप से हो सके। सुबह से ही सीमा क्षेत्र में गणतंत्र दिवस की तैयारी दिखाई दे रही थी। दोनों तरफ के रास्तों, झाड़ियों और गेटों को तिरंगे के रंगों से सजाया गया। विशेष रोशनी और सजावट के माध्यम से इस क्षेत्र को पूरे दिन और शाम तक भव्य रूप से प्रदर्शित किया गया। तिरंगे की चमक और रोशनी ने सीमा क्षेत्र को एक उत्सवपूर्ण माहौल प्रदान किया।
इस अवसर पर BSF के जवानों ने परेड और झंडोत्तोलन कार्यक्रम के साथ तिरंगे को फहराया। समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं, जिसमें लोक नृत्य, वाद्य और देशभक्ति गीत शामिल थे। नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और सीमा क्षेत्र में उपस्थित होकर राष्ट्रीय पर्व का आनंद लिया। अमृतसर के नागरिकों ने बताया कि अटारी-वाघा बॉर्डर पर तिरंगे की रोशनी और सजावट देखकर राष्ट्रीय गौरव की भावना और बढ़ गई। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र पर इस तरह की सजावट और कार्यक्रम आम नागरिकों को देशभक्ति की भावना से जोड़ता है।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में सुरक्षा के विशेष उपाय किए गए थे। सीमा क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए गए ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके। नागरिकों और आगंतुकों को सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करना अनिवार्य था। इस अवसर पर कई बच्चों और युवाओं ने भी हिस्सा लिया। स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों ने कार्यक्रमों में भाग लेकर देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। झांकियों और नृत्यों के माध्यम से उन्होंने भारतीय संस्कृति और परंपरा को दर्शाया।
अटारी-वाघा बॉर्डर पर हर साल की तरह इस बार भी बीएसएफ की ड्रिल और तिरंगा मार्च मुख्य आकर्षण था। जवानों ने देशभक्ति और अनुशासन का प्रदर्शन करते हुए उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। शाम के समय तिरंगे की रोशनी और दीपों के साथ सीमा क्षेत्र का दृश्य विशेष रूप से अद्भुत और मनमोहक प्रतीत हुआ। पंजाब के अधिकारियों ने बताया कि गणतंत्र दिवस का यह आयोजन नागरिकों और सीमा सुरक्षा बल के जवानों के बीच एक साझा उत्सव का प्रतीक है। इस कार्यक्रम के माध्यम से देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।
अमृतसर के स्थानीय व्यापारी और पर्यटक भी इस अवसर पर सीमा क्षेत्र पहुंचे और तिरंगे की रोशनी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और समारोह का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल भव्य है, बल्कि राष्ट्रीय एकता और भाईचारे का संदेश भी देता है। अटारी-वाघा बॉर्डर पर गणतंत्र दिवस समारोह को सुरक्षा, सजावट और सांस्कृतिक कार्यक्रम के दृष्टिकोण से सफल और यादगार बताया जा रहा है। इस प्रकार, पंजाब के अमृतसर में 77वें गणतंत्र दिवस का जश्न एक भव्य और प्रेरणादायक राष्ट्रीय उत्सव के रूप में मनाया गया।
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