पंजाब

Amritsar: स्थानीय प्रशासन से समाधान और नीति सुधार की अपील

Payal
9 April 2026 6:37 PM IST
Amritsar: स्थानीय प्रशासन से समाधान और नीति सुधार की अपील
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Amritsar.अमृतसर: सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की यूनियन ने प्रशासन द्वारा शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक काम सौंपने का विरोध किया है। यूनियन का कहना है कि ऐसे कार्यों के कारण टीचरों का मुख्य कर्तव्य—शिक्षण और विद्यार्थियों की शिक्षा पर ध्यान—भंग होता है। यूनियन प्रतिनिधियों ने स्थानीय शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें चेतावनी दी कि शिक्षकों को शैक्षणिक कार्यों के अलावा अतिरिक्त प्रशासनिक या गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियां देना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के हित के खिलाफ है। प्रतिनिधियों ने जोर देकर कहा कि स्कूल टीचर का प्राथमिक कार्य विद्यार्थियों को पढ़ाना और उनकी शैक्षणिक प्रगति सुनिश्चित करना है।
यदि उन्हें लगातार गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियां दी जाती हैं, तो इसका प्रत्यक्ष असर कक्षा में शिक्षा के स्तर और बच्चों के सीखने की प्रक्रिया पर पड़ता है। यूनियन ने प्रशासन से आग्रह किया कि शिक्षक-केंद्रित नीतियों को लागू किया जाए और अतिरिक्त कामों के लिए अलग स्टाफ या प्रशासनिक मदद उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मांगों पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया, तो शिक्षक संगठन अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आगे कदम उठाने पर मजबूर होगा। शिक्षक नेताओं ने बताया कि यूनियन ने पिछले महीनों में कई बार यह मुद्दा उठाया, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकला है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए शिक्षकों का समय और ऊर्जा सीधे कक्षा में निवेश होना चाहिए।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि शिक्षकों की समस्याओं पर विचार किया जा रहा है और जल्द ही समाधान निकाला जाएगा। अधिकारियों ने यह भी कहा कि स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों को प्राथमिकता देने के लिए नीति में संशोधन पर काम चल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियां सौंपने से शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूल प्रशासन को शिक्षकों के कार्यभार को संतुलित करने और विद्यार्थियों के हित में निर्णय लेने की आवश्यकता है। अंततः, अमृतसर में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का यह विरोध यह संदेश देता है कि शिक्षा और विद्यार्थियों की भलाई को प्राथमिकता देना आवश्यक है। यूनियन का कहना है कि प्रशासन के साथ सहयोग जारी रहेगा, लेकिन शिक्षकों के अधिकारों और उनके मुख्य कर्तव्य की रक्षा भी जरूरी है।
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