पंजाब

अमित शाह आज जालंधर में नशा विरोधी महारैली को करेंगे संबोधित, 63 एकड़ में तैयार हुआ आयोजन स्थल

Kavita2
30 Sept 2026 1:01 PM IST
अमित शाह आज जालंधर में नशा विरोधी महारैली को करेंगे संबोधित, 63 एकड़ में तैयार हुआ आयोजन स्थल
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जालंधर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार, 30 सितंबर को पंजाब के जालंधर पहुंच रहे हैं। वह परागपुर के पास NH-44 के किनारे आयोजित भाजपा की नशा विरोधी महारैली को संबोधित करेंगे। इस बड़े आयोजन के लिए करीब 63 एकड़ क्षेत्र में तैयारियां की गई हैं, जिसमें अकेले लगभग 28 एकड़ में विशाल पंडाल बनाया गया है। रैली भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन से जुड़ा प्रमुख कार्यक्रम है।

रैली के लिए शुरुआत में करीब 40 एकड़ क्षेत्र तय किया गया था। बाद में संभावित भीड़ को देखते हुए इसे 50 एकड़ तक बढ़ाया गया और फिर आयोजन क्षेत्र करीब 63 एकड़ कर दिया गया। ताजा रिपोर्टों में भी रैली स्थल का विस्तार लगभग 60 से 65 एकड़ के बीच बताया गया है।

रैली स्थल पर विशाल पंडाल के अलावा पार्किंग, आने-जाने के रास्ते और भीड़ प्रबंधन के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है। करीब 28 एकड़ में बनाए गए पंडाल में लगभग 25 हजार कुर्सियां लगाने की तैयारी है। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगों के खड़े होकर कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त खुला क्षेत्र भी रखा गया है।

आयोजन को लेकर भाजपा के प्रदेश और जिला स्तर के नेता लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। परागपुर जीटी रोड के पास बने रैली स्थल पर पिछले कई दिनों से मंच, पंडाल, बैरिकेडिंग, सुरक्षा और पार्किंग से जुड़े काम किए जा रहे हैं। हजारों वाहनों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए अलग-अलग पार्किंग जोन निर्धारित किए गए हैं।

ताजा जानकारी के मुताबिक रैली में पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के पहुंचने की उम्मीद है। इसके लिए करीब 2,000 बसों की व्यवस्था किए जाने की बात सामने आई है। खास तौर पर दोआबा क्षेत्र से बड़ी भागीदारी की उम्मीद जताई जा रही है।

यह महारैली भाजपा के 13 दिवसीय ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ अभियान के समापन का हिस्सा है। यह यात्रा 18 सितंबर से शुरू हुई थी और राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरी। पार्टी के मुताबिक यात्रा ने करीब 4,000 किलोमीटर का सफर तय किया।

भाजपा ने इस अभियान के दौरान नशे की समस्या को प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया है। पार्टी का कहना है कि पंजाब में ड्रग्स की समस्या केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक संकट भी है। यात्रा के दौरान नशे से प्रभावित परिवारों को भी सामने लाया गया और उनके अनुभव साझा किए गए।

अमित शाह की रैली को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है। जालंधर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। रैली स्थल, प्रवेश मार्ग और पार्किंग क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। कार्यक्रम स्थल पर आने वाले लोगों की जांच और भीड़ नियंत्रण के लिए भी व्यवस्था की गई है।

रैली से पहले शहर के कई प्रमुख चौराहों और मार्गों पर राजनीतिक पोस्टर और होर्डिंग भी दिखाई दिए हैं। कुछ होर्डिंग में भाजपा और केंद्र सरकार से पंजाब के नशा और जल विवाद जैसे मुद्दों पर सवाल किए गए हैं, जबकि दूसरी ओर स्वागत बैनर भी लगाए गए हैं।

अमित शाह का यह दौरा पंजाब भाजपा के लिए संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी पिछले कुछ समय से राज्य में अपनी गतिविधियां तेज कर रही है और नशे के मुद्दे को जनसंपर्क अभियान से जोड़ रही है।

रैली स्थल के आकार को लगातार बढ़ाया जाना भी पार्टी की बड़े जनसमूह की उम्मीद को दर्शाता है। पहले 40 एकड़, फिर 50 एकड़ और अंत में करीब 63 एकड़ तक क्षेत्र बढ़ाए जाने से आयोजन का पैमाना काफी बड़ा हो गया है।

पंडाल में 25 हजार से अधिक कुर्सियों की व्यवस्था के साथ बड़े LED स्क्रीन और अन्य तकनीकी सुविधाएं भी लगाए जाने की तैयारी है, ताकि दूर खड़े लोग भी मंच की गतिविधियां देख सकें। रैली स्थल को अलग-अलग सेक्टर में बांटकर भीड़ प्रबंधन आसान बनाने की योजना बनाई गई है।

पार्किंग व्यवस्था भी आयोजन की बड़ी चुनौती है। हजारों वाहनों के आने की संभावना के कारण करीब 20 एकड़ से अधिक क्षेत्र पार्किंग के लिए आरक्षित किया गया है। ट्रैफिक पुलिस की ओर से NH-44 और आसपास के मार्गों पर वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने की तैयारी की गई है।

भाजपा नेताओं का कहना है कि नशा विरोधी अभियान को केवल राजनीतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा। पार्टी इसे जनजागरूकता से जोड़ने का दावा कर रही है और रैली के बाद भी नशे के खिलाफ अभियान जारी रखने की बात कही जा रही है।

दूसरी ओर पंजाब के अन्य राजनीतिक दल भाजपा के अभियान को लेकर सवाल उठा रहे हैं। नशे की समस्या को लेकर राज्य में लंबे समय से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं और लगभग सभी प्रमुख दल इसे गंभीर मुद्दा मानते हैं।

अब सभी की नजर अमित शाह के भाषण पर है। उम्मीद है कि वह नशे की समस्या, कानून-व्यवस्था और पंजाब से जुड़े अन्य मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे। रैली में पार्टी की आगे की राजनीतिक रणनीति के संकेत भी मिल सकते हैं।

फिलहाल परागपुर के पास NH-44 किनारे करीब 63 एकड़ में तैयार रैली स्थल पूरी तरह सज चुका है। विशाल पंडाल, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था और बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने की तैयारी के साथ भाजपा इस कार्यक्रम को बड़े आयोजन के रूप में पेश कर रही है। बुधवार की यह महारैली ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन के साथ पंजाब की राजनीति में भी एक अहम राजनीतिक कार्यक्रम बन गई है।

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