पंजाब

आज पंजाब दौरे पर अमित शाह, नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले तीन परिवारों से करेंगे मुलाकात

Kavita2
20 Oct 2026 12:34 PM IST
आज पंजाब दौरे पर अमित शाह, नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले तीन परिवारों से करेंगे मुलाकात
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चंडीगढ़। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को पंजाब के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। पिछले 20 दिनों में यह उनका दूसरा पंजाब दौरा है। इस दौरान वह गुरदासपुर, संगरूर और मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों के परिवारों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वह लुधियाना में आयोजित दशहरा समारोह में शामिल होंगे और राज्य के सबसे ऊंचे बताए जा रहे 121 फीट के रावण के पुतले का दहन करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे को देखते हुए संबंधित जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और प्रशासन ने कार्यक्रम स्थलों, हेलीपैड और प्रमुख मार्गों पर विशेष सुरक्षा इंतजाम किए हैं। वीवीआईपी सुरक्षा के मद्देनजर हेलीपैड और आसपास के दो किलोमीटर क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

गृह मंत्रालय ने भी पुष्टि की है कि अमित शाह 20 अक्टूबर को मानसा, संगरूर और गुरदासपुर में उन परिवारों से मुलाकात करेंगे, जिन्होंने नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले अपने परिजनों को खोया है।

अमृतसर से शुरू होगा पंजाब दौरा

जारी कार्यक्रम के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विमान से अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचेंगे। इसके बाद वह हेलीकॉप्टर से पंजाब के विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे।

उनके निर्धारित कार्यक्रम में गुरदासपुर, संगरूर और मानसा शामिल हैं। इन तीनों जिलों में वह पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे।

इसके बाद गृह मंत्री लुधियाना जाएंगे, जहां दशहरा समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का कार्यक्रम है।

दौरे को देखते हुए प्रशासन ने हवाई अड्डों, हेलीपैड और कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी है।

मानसा में परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात

अमित शाह के दौरे का एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानसा जिला है। यहां वह नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह उर्फ झोटा के परिवार से मुलाकात करेंगे।

परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह इलाके में कथित रूप से चल रहे अवैध नशीली दवाओं के कारोबार का विरोध कर रहे थे।

इस घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था। परिवार और समर्थकों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी।

झोटा के पिता भीम सिंह ने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई से कराने की मांग की थी। परिवार का कहना है कि घटना की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को झोटा हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपने की घोषणा की है। यह फैसला अमित शाह के निर्धारित दौरे से पहले सामने आया है।

गुरदासपुर में बिक्रमजीत सिंह के परिवार से मिलेंगे

गृह मंत्री गुरदासपुर जिले के श्री हरगोबिंदपुर क्षेत्र के मारी पनवां गांव भी जाएंगे। यहां वह बिक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात करेंगे।

बिक्रमजीत सिंह की हत्या के मामले ने भी पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

परिवार की ओर से घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।

अमित शाह की मुलाकात के दौरान परिजन अपनी समस्याओं और मांगों को उनके सामने रख सकते हैं।

इस मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय पंजाब सरकार से विस्तृत जानकारी मांग चुका है।

संगरूर में गुलजार सिंह के परिजनों से करेंगे मुलाकात

अमित शाह संगरूर जिले के दिड़बा क्षेत्र स्थित तूर बंजारा गांव भी जाएंगे। यहां वह गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात करेंगे।

गुलजार सिंह की मौत का मामला भी प्रदेश में राजनीतिक विवाद का विषय बना हुआ है।

परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों के अनुसार, राजनीतिक दबाव और कथित प्रताड़ना की परिस्थितियों के बीच गुलजार सिंह ने आत्महत्या कर ली थी।

इस मामले में भी विभिन्न राजनीतिक दलों ने सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

गृह मंत्री की मुलाकात को पीड़ित परिवार की शिकायतों और प्रदेश में कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नशे के मुद्दे पर पंजाब सरकार को घेरा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पिछले कुछ दिनों से पंजाब में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार और कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साध रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया है कि पंजाब में नशे का कारोबार गंभीर समस्या बन चुका है और इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है।

अमित शाह ने कहा है कि केंद्र सरकार नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने में केंद्रीय एजेंसियों की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

इस मुद्दे पर भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

लुधियाना में 121 फीट के रावण का करेंगे दहन

तीन जिलों के दौरे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लुधियाना पहुंचेंगे। यहां वह ऐतिहासिक दरेसी मैदान में आयोजित दशहरा उत्सव में शामिल होंगे।

कार्यक्रम के अनुसार, गृह मंत्री के शाम करीब 4 बजकर 30 मिनट पर हलवाड़ा हवाई अड्डे पहुंचने की संभावना है। इसके बाद वह सड़क मार्ग से दरेसी मैदान जाएंगे।

दशहरा समारोह में 121 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। आयोजकों की ओर से इसे पंजाब का सबसे ऊंचा रावण बताया जा रहा है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के पहुंचने की उम्मीद है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की तैयारियां की हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध

अमित शाह के दौरे को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। संबंधित जिलों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

हेलीपैड और कार्यक्रम स्थलों के आसपास सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। वीवीआईपी आवाजाही के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।

हेलीपैड और उसके आसपास दो किलोमीटर के क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

सुरक्षा एजेंसियां कार्यक्रम स्थलों और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

पंजाब की राजनीति में दौरे के मायने

अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब पंजाब में नशे के कारोबार और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज है।

प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव 2027 में प्रस्तावित हैं। ऐसे में भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच इन मुद्दों को लेकर टकराव बढ़ रहा है।

राजनीतिक दृष्टि से भी अमित शाह की पीड़ित परिवारों से मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भाजपा नशे के खिलाफ अभियान और कानून-व्यवस्था के सवाल को प्रमुखता से उठा रही है।

फिलहाल केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे का मुख्य केंद्र पीड़ित परिवारों से मुलाकात और लुधियाना में दशहरा समारोह में भागीदारी है।

अब सभी की नजरें इन मुलाकातों के दौरान होने वाली बातचीत और नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सामने आने वाले संदेश पर टिकी हैं।

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