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Punjab पंजाब आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि पिछले चार-पांच दिनों में पंजाब में बिजली का जो संकट आया, वह केंद्र सरकार के नकारात्मक रवैये और राज्य को उसका वाजिब हिस्सा न देने की नीति का नतीजा था। धालीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और पावरकॉम अधिकारियों की कोशिशों से पंजाब अब इस संकट से पूरी तरह उबर चुका है।
रविवार को यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में धालीवाल ने कहा कि यह समस्या तलवंडी साबो और नाभा में प्राइवेट थर्मल पावर प्लांट की यूनिट्स में तकनीकी खराबी के कारण हुई थी, जिसे अब पूरी तरह ठीक कर लिया गया है। रविवार सुबह 6 बजे से पूरे पंजाब में खेती, इंडस्ट्री और घरेलू उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के लगातार बिजली दी जा रही है। पंजाब का अपना बिजली उत्पादन 5,300-5,400 मेगावाट तक पहुंच गया है और राज्य की सभी 10 थर्मल यूनिट्स ठीक से काम कर रही हैं। 15,700 मेगावाट की कुल मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जब भी किसी राज्य को तकनीकी संकट का सामना करना पड़ता है, तो केंद्र का फर्ज है कि वह उसकी मदद करे। ऐसे मुश्किल समय में केंद्र सरकार ने पंजाब का साथ नहीं दिया। सेंट्रल पूल से पंजाब को मिलने वाली 1,051 मेगावाट बिजली रोक दी गई थी। पंजाब के बिजली मंत्री और अधिकारियों के बार-बार संपर्क करने और चिट्ठी लिखने के बावजूद केंद्र ने कोई मदद नहीं की। पंजाब के लोगों, किसानों और उद्योगपतियों को भरोसा दिलाते हुए धालीवाल ने कहा कि घबराने की बिल्कुल भी ज़रूरत नहीं है। राज्य को अपनी पचवारा कोयला खदान से लगातार कोयला मिल रहा है। रोपड़ प्लांट में 30 दिन का, लहरा मोहब्बत में 11 दिन का, गोइंदवाल साहिब में 16 दिन का, नाभा में आठ दिन का और तलवंडी साबो में चार दिन का कोयला मौजूद है।
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