पंजाब

AIR 86: जालंधर के छात्र की मेहनत का रंग

Ratna Netam
21 April 2026 1:49 PM IST
AIR 86: जालंधर के छात्र की मेहनत का रंग
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Punjab.पंजाब: जालंधर के छात्रों और अभिभावकों के लिए गर्व का दिन है, क्योंकि शहर के होनहार छात्र अद्विक शर्मा ने हाल ही में घोषित JEE-Main 2026 के परिणामों में देशभर में AIR 86 हासिल कर अद्वितीय प्रदर्शन किया है। इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार को गौरवान्वित किया है, बल्कि पूरे शहर में भी खुशी का माहौल बना दिया है। अद्विक शर्मा ने बताया कि उनकी सफलता का मुख्य रहस्य लगातार मेहनत, अनुशासन और समय प्रबंधन रहा। उन्होंने लगभग दो साल की कड़ी तैयारी की, जिसमें प्रतिदिन आठ से दस घंटे पढ़ाई और मॉक टेस्ट करना शामिल था। अद्विक के अनुसार, कठिन परिश्रम और निरंतर अभ्यास ही उन्हें इस स्तर तक पहुँचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं।
अद्विक के माता-पिता, सीमा और राजेश शर्मा, बताते हैं कि बचपन से ही अद्विक पढ़ाई और विज्ञान में बहुत तेज़ था। उन्होंने कहा, “हमारे लिए यह गर्व का क्षण है। अद्विक ने अपने दृढ़ निश्चय और मेहनत से यह मुकाम हासिल किया। हम जानते थे कि वह कुछ बड़ा करेगा।” शहर के कई शिक्षा विशेषज्ञ और शिक्षक अद्विक की इस सफलता को प्रेरणादायक मान रहे हैं। उन्होंने कहा कि जालंधर जैसे शहर से ऐसे टॉप रैंक प्राप्त करना यह दिखाता है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से छोटे शहर के छात्र भी राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन कर सकते हैं। अद्विक ने यह भी साझा किया कि उनकी तैयारी में ऑनलाइन और ऑफलाइन कोचिंग दोनों का मिश्रण था। उन्होंने कहा, “मॉक टेस्ट से मेरी गति और सटीकता में सुधार हुआ। मेरी सलाह है कि सभी प्रतियोगी अपनी कमजोरियों पर ध्यान दें और समय-समय पर सुधार करते रहें।”
अद्विक के स्कूल और कोचिंग संस्थान ने भी उनकी उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है। उनके शिक्षकों का कहना है कि अद्विक की यह सफलता अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस रैंक के साथ अद्विक के पास IITs और NITs जैसी प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थाओं में प्रवेश के लिए मजबूत अवसर हैं। अद्विक का अगला लक्ष्य JEE-Advanced में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है और IIT में दाखिला लेना है। जालंधर में यह उपलब्धि छात्रों और अभिभावकों के लिए यह संदेश देती है कि समर्पण, मेहनत और सही मार्गदर्शन से कोई भी छात्र राष्ट्रीय स्तर पर टॉप रैंक हासिल कर सकता है। अद्विक की कहानी छोटे शहरों के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक साबित होगी।
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