पंजाब

ग्राउंडवाटर बचाने के लिए नहर सिंचाई अपनाएं: CM Mann

Payal
1 May 2026 12:56 PM IST
ग्राउंडवाटर बचाने के लिए नहर सिंचाई अपनाएं: CM Mann
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Punjab.पंजाब: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों से अपील की है कि वे कृषि में जल संरक्षण के लिए नहर से सिंचाई प्रणाली अपनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कदम से राज्य में घटते ग्राउंडवाटर स्तर को बनाए रखने और पानी की बचत करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह संदेश हाल ही में आयोजित एक किसान बैठक में दिया। उन्होंने किसानों को बताया कि जल संरक्षण और स्थायी सिंचाई के उपायों को अपनाना अब समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा, “हमारे किसान राज्य की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा के स्तंभ हैं। इसलिए जल संसाधनों की बचत करना हर किसान की जिम्मेदारी है। नहर से सिंचाई अपनाकर हम ग्राउंडवाटर की स्थिति को बेहतर बना सकते हैं।”
मुख्यमंत्री ने किसानों को यह भी सलाह दी कि पारंपरिक भूमिगत पानी पर निर्भरता कम करें और नहर से जल प्राप्त करके फसलों की सिंचाई करें। उन्होंने कहा कि इससे न केवल पानी की बचत होगी, बल्कि फसलों की पैदावार भी स्थिर और संतुलित बनी रहेगी।
किसानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय से ग्राउंडवाटर का स्तर लगातार गिर रहा है और यह चिंता का विषय बन गया है। एक किसान ने कहा, “मुख्यमंत्री का यह संदेश समय की मांग है। अगर हम नहर सिंचाई अपनाते हैं, तो पानी की बचत होगी और भविष्य में पानी की कमी की समस्या कम होगी।”
राज्य सरकार ने भी नहर सिंचाई को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें किसानों को तकनीकी मदद, नहर से खेत तक पाइपलाइन की सुविधा और सिंचाई उपकरण उपलब्ध कराना शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य जल संरक्षण के साथ-साथ कृषि उत्पादन को भी स्थायी बनाना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पंजाब में ग्राउंडवाटर स्तर लगातार घट रहा है, और अगर किसानों ने नहर सिंचाई को प्राथमिकता नहीं दी तो भविष्य में जल संकट गंभीर रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल समय पर और उपयोगी कदम है, जो किसानों और राज्य के लिए लाभकारी साबित होगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों से आग्रह किया कि वे न केवल नहर सिंचाई अपनाएं, बल्कि जल संरक्षण के अन्य उपाय जैसे वर्षा जल संचयन और ड्रिप सिंचाई को भी अपनाएं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के लिए सभी आवश्यक संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगी।
इस पहल से यह स्पष्ट होता है कि पंजाब सरकार किसानों की समृद्धि के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन और जल संरक्षण को भी प्राथमिकता दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर राज्य के सभी किसान इस संदेश को अपनाते हैं, तो पंजाब में जल संकट की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
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