
चंडीगढ़। शहर के डॉक्टरों और क्लीनिक संचालकों को फोन और व्हाट्सएप के जरिए धमकाकर रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सेक्टर-17 थाना पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान महाराष्ट्र निवासी सचिन साकेत के रूप में हुई है।
आरोप है कि आरोपी ने शहर के कई डॉक्टरों और स्वास्थ्य केंद्र संचालकों को फोन कर धमकाया और उनसे 50-50 हजार रुपये की रंगदारी मांगी। कुछ डॉक्टरों को व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड भेजकर पैसे ट्रांसफर करने का दबाव भी बनाया गया था।
एक ही नंबर से कई डॉक्टरों को भेजे गए धमकी भरे संदेश
पुलिस के अनुसार, 17 अगस्त को महज 24 घंटे के भीतर शहर के अलग-अलग इलाकों में कई डॉक्टरों और क्लीनिक संचालकों को धमकी भरे फोन और संदेश मिले थे।
सेक्टर-18, सेक्टर-22, सेक्टर-23, सेक्टर-40 समेत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले डॉक्टरों और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों को एक ही मोबाइल नंबर से कॉल और मैसेज किए गए थे।
आरोपी ने कथित तौर पर डॉक्टरों को डराया और रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
व्हाट्सएप पर भेजे क्यूआर कोड
जांच में सामने आया कि आरोपी ने कुछ डॉक्टरों को व्हाट्सएप के माध्यम से क्यूआर कोड भेजे थे। इन क्यूआर कोड के जरिए पैसे ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाया गया।
डॉक्टरों को धमकी मिलने के बाद कई लोगों में डर का माहौल बन गया था। इसके बाद पुलिस को मामले की जानकारी दी गई।
शिकायत मिलने के बाद सेक्टर-17 थाना पुलिस ने जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया।
तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने धमकी भरे कॉल और संदेशों में इस्तेमाल मोबाइल नंबर की जांच शुरू की। इसके साथ ही डिजिटल ट्रेल, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी जानकारियों की मदद ली गई।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी सचिन साकेत के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह अकेले इस वारदात को अंजाम दे रहा था या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।
आरोपी के नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी ने इससे पहले भी किसी अन्य शहर या राज्य में इसी तरह की वारदात को अंजाम दिया है या नहीं।
इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि डॉक्टरों के मोबाइल नंबर और निजी जानकारी आरोपी तक कैसे पहुंची।
डॉक्टरों ने जताई थी चिंता
धमकी भरे कॉल आने के बाद शहर के डॉक्टरों और क्लीनिक संचालकों में चिंता बढ़ गई थी। कई स्वास्थ्य केंद्र संचालकों ने पुलिस से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की थी।
डॉक्टरों का कहना था कि स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों को इस तरह धमकाकर पैसे मांगना गंभीर मामला है और ऐसे आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस ने लोगों से की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को फोन या ऑनलाइन माध्यम से धमकी देकर पैसे मांगे जाते हैं तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें।
पुलिस ने यह भी कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर न करें और संदिग्ध संदेशों या कॉल की जानकारी तुरंत साझा करें।
आगे की कार्रवाई में जुटी पुलिस
फिलहाल आरोपी सचिन साकेत पुलिस हिरासत में है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टरों से रंगदारी मांगने के इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।





