
चंडीगढ़। राज्यसभा सदस्य और भाजपा नेता राघव चड्ढा की पंजाब में मतदाता पहचान को लेकर चल रहे विवाद के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई सवाल खड़े किए हैं। आप नेता अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा के वोटर रिकॉर्ड और पते को लेकर कई अनियमितताएं सामने आ रही हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने के तरीके पर सवाल उठाते हुए जवाब मांगा है।
अनुराग ढांडा ने दावा किया कि मोहाली के जिस फ्लैट नंबर 103 को राघव चड्ढा का पता बताया जा रहा है, वहां अब कोई नहीं रहता। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता पहचान से जुड़े दस्तावेजों में दिए गए पते की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं है।
मोहाली के पते को लेकर उठाए सवाल
AAP नेता अनुराग ढांडा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि राघव चड्ढा के नाम से जुड़े मोहाली के फ्लैट नंबर 103 की जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में उस स्थान पर कोई व्यक्ति निवास नहीं कर रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में दर्ज है तो उसके निवास प्रमाण और पते की सत्यता की जांच किस तरह की गई। ढांडा ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बना रहे।
दिल्ली की मतदाता सूची में नाम जुड़ने पर सवाल
अनुराग ढांडा ने दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची का हवाला देते हुए कहा कि यदि 30 अगस्त तक राघव चड्ढा का नाम दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं था, तो इसके बाद उनका नाम किस प्रक्रिया के तहत जोड़ा गया।
उन्होंने सवाल किया कि मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया और दस्तावेजों का पालन किया गया या नहीं। ढांडा ने आरोप लगाया कि बिना तय फॉर्म और प्रक्रिया पूरी किए नाम जोड़ना संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि लोगों के सामने पूरी जानकारी आ सके।
बैकडेट में वोट बनवाने का लगाया आरोप
AAP नेता ने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने दिल्ली में अपना वोट बनवाने के लिए बैकडेट प्रक्रिया का सहारा लेने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने की पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार होनी चाहिए और इसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए।
हालांकि, राघव चड्ढा की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, इस मामले में आधिकारिक स्तर पर भी स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।
चुनावी राजनीति के बीच बढ़ा विवाद
राघव चड्ढा से जुड़ा यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब देश में मतदाता सूची, पहचान और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस लगातार जारी है।
आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे को उठाते हुए पारदर्शिता की मांग की है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की अनियमितता लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर विषय है।
वहीं, विपक्षी दलों के नेताओं पर आरोप-प्रत्यारोप भारतीय राजनीति में आम बात रही है। ऐसे मामलों में अंतिम स्थिति संबंधित चुनाव अधिकारियों और जांच प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो पाती है।
मतदाता सूची की प्रक्रिया पर चर्चा तेज
इस विवाद के बाद एक बार फिर मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। आम तौर पर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन, पहचान प्रमाण और निवास से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाती है।
चुनाव आयोग समय-समय पर मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम करता है, जिसमें नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और गलतियों को सुधारने की प्रक्रिया शामिल होती है।
AAP ने मांग की है कि राघव चड्ढा के मामले में पूरी प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक की जाए। पार्टी का कहना है कि इससे यह स्पष्ट होगा कि नियमों का पालन हुआ है या नहीं।
आगे की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल यह मामला राजनीतिक बयानबाजी के केंद्र में बना हुआ है। आम आदमी पार्टी ने जहां आरोप लगाते हुए सवाल उठाए हैं, वहीं अब संबंधित अधिकारियों और राघव चड्ढा की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
मतदाता पहचान और वोटर लिस्ट से जुड़े इस विवाद में आने वाले दिनों में और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि चुनाव अधिकारियों की ओर से इस मामले में कोई स्पष्टीकरण या जांच की जानकारी दी जाती है या नहीं।





