पंजाब

संदीप पाठक के इस्तीफे पर AAP MP कंग ने जताई चिंता

Payal
25 April 2026 3:49 PM IST
संदीप पाठक के इस्तीफे पर AAP MP कंग ने जताई चिंता
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Punjab.पंजाब: आम आदमी पार्टी (AAP) में हाल ही में हुए इस्तीफे ने पार्टी में हलचल मचा दी है। पार्टी के वरिष्ठ रणनीतिकार संदीप पाठक के इस्तीफे को लेकर AAP के सांसद कंग ने कहा कि अगर पार्टी की लीडरशिप उनके संपर्क में रहती, तो यह इस्तीफा नहीं दिया जाता। कंग ने मीडिया से बातचीत में कहा कि संदीप पाठक पार्टी की रणनीति और संगठन को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। उनका जाना पार्टी के लिए केवल व्यक्तिगत नुकसान नहीं, बल्कि रणनीतिक नुकसान भी है। कंग ने कहा, “संदीप पाठक का इस्तीफा पार्टी के अंदर संवाद और नेतृत्व के कमी की ओर इशारा करता है। अगर लीडरशिप नियमित रूप से उनसे संपर्क में रहती और उनके विचारों को महत्व देती, तो शायद वे इस्तीफा नहीं देते।”
संदीप पाठक ने AAP के लिए लंबे समय तक रणनीति बनाने, चुनावी फैसले लेने और पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने का काम किया। उनका इस्तीफा पार्टी के लिए गंभीर संकेत है, क्योंकि उन्होंने पार्टी की योजना और नीति निर्माण में अहम भूमिका निभाई।
सांसद कंग ने बताया कि पार्टी ने संदीप पाठक की महत्वपूर्ण भूमिका को हमेशा सराहा है, लेकिन कुछ मामलों में संपर्क और संवाद की कमी रही। उन्होंने कहा, “नेतृत्व और रणनीतिकार के बीच मजबूत संपर्क होना जरूरी है, ताकि पार्टी के अंदर सभी निर्णय सामूहिक रूप से लिए जा सकें और किसी भी सदस्य को ऐसा महसूस न हो कि उनकी राय अनसुनी रह गई।”
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह घटना AAP के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है। संदीप पाठक जैसे वरिष्ठ रणनीतिकार के जाने से पार्टी को नए रणनीतिकारों को विकसित करना होगा और संगठनात्मक मजबूती बनाए रखनी होगी। हालांकि, पार्टी के अन्य सदस्य और कार्यकर्ता उनके योगदान को याद रखते हुए आगे बढ़ने का संकल्प ले रहे हैं।
कंग ने यह भी कहा कि पार्टी को भविष्य में इस तरह की स्थितियों से बचने के लिए नेताओं और वरिष्ठ सदस्यों के बीच नियमित संवाद और विचार साझा करना चाहिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि AAP के अन्य सदस्य और कार्यकर्ता पार्टी की दिशा और रणनीति को बनाए रखने के लिए सक्रिय रहेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि राजनीतिक दलों में वरिष्ठ रणनीतिकार और नेतृत्व के बीच संवाद की कमी अक्सर आंतरिक असंतोष और इस्तीफों का कारण बनती है। ऐसे में AAP को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने और सभी वरिष्ठ नेताओं के सुझावों और विचारों को शामिल करने की आवश्यकता है।
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