पंजाब

पेपर लीक आरोपों से घिरी आप सरकार, भाजपा ने खोला मोर्चा

Ratna Netam
27 July 2026 8:59 PM IST
पेपर लीक आरोपों से घिरी आप सरकार, भाजपा ने खोला मोर्चा
x

चंडीगढ़ : पंजाब में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर सियासत तेज हो गई है। पंजाब भाजपा ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया है। भाजपा का कहना है कि आप सरकार ईमानदारी और पारदर्शिता के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन भर्ती परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने में लगातार नाकाम साबित हो रही है।

पंजाब भाजपा के राज्य महासचिव अनिल सरीन ने सोमवार को चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत करते हुए पंजाब सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सरकारी नौकरियों के लिए आयोजित होने वाली परीक्षाओं में बार-बार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

अनिल सरीन ने बताया कि 19 जुलाई को आयोजित पंजाब फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में करीब 7,000 उम्मीदवार शामिल हुए थे। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 454 पदों को भरा जाना था। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा का पेपर लीक हो गया, जिससे पूरी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवा कई वर्षों तक मेहनत करते हैं। वे परीक्षा की तैयारी में अपना समय और पैसा लगाते हैं, लेकिन जब पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं तो उनका भरोसा टूटता है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं युवाओं के साथ अन्याय हैं और सरकार को इस मामले में गंभीर कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की कि फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। भाजपा ने कहा कि केवल बयान जारी करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाना होगा।

अनिल सरीन ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार सत्ता में आने से पहले युवाओं को रोजगार देने और भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का वादा करती थी। लेकिन मौजूदा हालात में भर्ती परीक्षाओं में सामने आ रही अनियमितताएं सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही हैं।

भाजपा ने कहा कि पंजाब के युवा सरकारी नौकरियों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। पार्टी ने सरकार से मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए।

वहीं, इस मामले में आम आदमी पार्टी सरकार की ओर से अभी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर सरकार पहले भी कई बार अपनी प्रतिबद्धता जाहिर कर चुकी है।

फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा को लेकर उठे विवाद के बाद उम्मीदवारों में भी चिंता का माहौल है। अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर पेपर लीक की शिकायतें सही साबित होती हैं तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष तरीके से दोबारा आयोजित करने पर विचार किया जाना चाहिए।

पंजाब में सरकारी भर्तियों को लेकर पहले भी कई बार राजनीतिक विवाद सामने आते रहे हैं। विपक्ष लगातार सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में खामियों का आरोप लगाता रहा है, जबकि सरकार पारदर्शी व्यवस्था का दावा करती रही है। अब फार्मेसी ऑफिसर परीक्षा पेपर लीक मामले ने एक बार फिर भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर बहस छेड़ दी है।

फिलहाल सभी की नजरें इस मामले में होने वाली जांच और सरकार की कार्रवाई पर टिकी हैं। अगर पेपर लीक के आरोपों की पुष्टि होती है तो यह हजारों उम्मीदवारों के लिए बड़ा झटका होगा और सरकार के सामने भर्ती व्यवस्था को लेकर भरोसा कायम रखने की चुनौती होगी।

Next Story