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पंजाब आजीविका मिशन भर्ती विवाद पर घिरी AAP सरकार, सुनील जाखड़ ने मंत्री के इस्तीफे की मांग की

Saba Naaz
29 July 2026 5:13 PM IST
पंजाब आजीविका मिशन भर्ती विवाद पर घिरी AAP सरकार, सुनील जाखड़ ने मंत्री के इस्तीफे की मांग की
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पंजाब : सरकारी भर्ती को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला बोला है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सरकार से जिम्मेदारी तय करने और संबंधित मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।

सुनील जाखड़ ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार जिस ईमानदारी और पारदर्शिता के दावे के साथ सत्ता में आई थी, अब उसी सरकार के कार्यकाल में सरकारी भर्तियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की भर्ती में कथित गड़बड़ियों का मामला सामने आने के बाद सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

भाजपा नेता ने सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा करते हुए कहा कि पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के विज्ञापन संख्या 126, दिनांक 28 जनवरी 2026 के तहत हुई भर्ती में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। उनके अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब एक अभ्यर्थी ने न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

जाखड़ ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए समिति गठित की है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर भर्ती प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी हुई है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी और सरकार इस मामले में क्या कार्रवाई करेगी।

उन्होंने मुख्यमंत्री और पंजाब सरकार से पूछा कि भर्ती में कथित हेरफेर किसके निर्देश पर हुआ और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों तथा नेताओं पर कार्रवाई कब की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या संबंधित विभाग के मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देंगे।

सुनील जाखड़ ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के नेता देश के अन्य राज्यों में ईमानदारी और भ्रष्टाचार मुक्त शासन की बात करते हैं, लेकिन पंजाब में उनकी सरकार के दौरान कई मुद्दों पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर दिखाई दे रहा है।

भाजपा नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान लगातार दावा करते हैं कि पंजाब में नौकरियां बिना सिफारिश और बिना रिश्वत के दी जा रही हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोप इन दावों पर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया का अधिकार मिलना चाहिए और किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

जाखड़ ने पेपर लीक मामलों का भी जिक्र करते हुए सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस तरह सरकार भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के दावे करती है, उसी तरह पहले भी पेपर लीक के मामलों को लेकर सवाल उठ चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।

हालांकि, भर्ती मामले को लेकर सरकार की ओर से अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हाईकोर्ट द्वारा गठित समिति की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि भर्ती प्रक्रिया में वास्तव में कोई अनियमितता हुई थी या नहीं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति में और तूल पकड़ सकता है। विपक्ष इस मामले को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि सरकार जांच प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकती है।

फिलहाल सभी की नजरें हाईकोर्ट की निगरानी में होने वाली जांच और समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं। अगर जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो सरकार को विपक्ष के हमलों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, यदि आरोप निराधार साबित होते हैं तो सरकार इसे विपक्ष की राजनीति करार दे सकती है।

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