पंजाब

Punjab के 7 MPs पार्टी बदलने पर AAP ने की राज्यसभा में कार्रवाई की मांग

Ratna Netam
27 April 2026 1:20 PM IST
Punjab के 7 MPs पार्टी बदलने पर AAP ने की राज्यसभा में कार्रवाई की मांग
x
Punjab.पंजाब: आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा चेयरमैन से अपील की है कि पंजाब के सात सांसदों को उनकी पार्टी बदलने के कारण अयोग्य घोषित किया जाए। पार्टी ने इस कदम को "राजनीतिक विश्वासघात" करार दिया है और संसद के नियमों के तहत उचित कार्रवाई की मांग की है।
AAP के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि ये सात सांसद पार्टी बदलकर अन्य राजनीतिक दलों में शामिल हुए हैं। पार्टी ने कहा कि यह कदम न केवल जनता के विश्वास के खिलाफ है, बल्कि संविधान और संसद के नियमों के उल्लंघन के समान है। उन्होंने राज्यसभा चेयरमैन से अपील की कि इन सांसदों को तुरंत अयोग्य घोषित किया जाए और उनके स्थान पर उचित कार्रवाई की जाए।
AAP ने कहा कि पार्टी बदलने के कारण ये सांसद लोकसभा और राज्यसभा में अपने मूल पार्टी के मत और नीतियों के खिलाफ मतदान कर सकते हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर असर पड़ता है। पार्टी का यह भी कहना है कि इससे जनता के मत का अपमान होता है, क्योंकि वोटर ने इन्हें एक पार्टी के प्रतिनिधि के रूप में चुना था।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला राजनीतिक दृष्टि से काफी संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि सांसदों का पार्टी बदलना कई बार देश के लोकतांत्रिक ढांचे में विवाद पैदा कर देता है। AAP का यह कदम स्पष्ट रूप से संदेश देता है कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं के प्रति अनुशासन बनाए रखना चाहती है और किसी भी प्रकार के विश्वासघात को बर्दाश्त नहीं करेगी।
AAP ने अपने पत्र में यह भी कहा कि राज्यसभा चेयरमैन को संसद के नियमों और संविधान की धारा 102 और 191 के तहत कार्रवाई करनी चाहिए। पार्टी ने आरोप लगाया कि ये सात सांसद जनता के विश्वास और पार्टी की नीतियों के साथ धोखा कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि राज्यसभा में ऐसे मामलों का निर्णय राज्यसभा चेयरमैन की समीक्षा और संसदीय नियमों के आधार पर होता है। इसमें सांसदों को अपने पक्ष में तर्क प्रस्तुत करने का अवसर भी दिया जाता है। लेकिन AAP ने यह सुनिश्चित किया है कि इस मामले में उनकी मांग स्पष्ट और मजबूत रूप में दर्ज हो।
AAP नेताओं का कहना है कि यह कदम न केवल पार्टी के अनुशासन और नीतियों की रक्षा करेगा, बल्कि जनता के विश्वास को भी संरक्षित करेगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में ईमानदारी और जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण तत्व हैं, और पार्टी किसी भी नेता द्वारा विश्वासघात को सहन नहीं करेगी।
इस मामले ने राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। विपक्षी दलों और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह घटनाक्रम पंजाब और केंद्र में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। AAP का यह कदम स्पष्ट रूप से यह संदेश देता है कि पार्टी किसी भी स्थिति में अपने अनुशासन और सिद्धांतों से समझौता नहीं करेगी।
Next Story