पंजाब

Jalandhar में खुशी की लहर, ट्विन्स ने 10वीं में 98% स्कोर कर सबको चौंकाया

Ratna Netam
16 April 2026 1:18 PM IST
Jalandhar में खुशी की लहर, ट्विन्स ने 10वीं में 98% स्कोर कर सबको चौंकाया
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Punjab.पंजाब: जालंधर से एक प्रेरणादायक और अनोखा मामला सामने आया है, जहां जुड़वां भाई-बहनों ने 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में न केवल उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, बल्कि एक समान 98 प्रतिशत अंक हासिल कर सभी को हैरान कर दिया है। इस दुर्लभ उपलब्धि की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है।
इन दोनों छात्रों की सफलता को शिक्षा जगत में एक खास संयोग और मेहनत का शानदार उदाहरण माना जा रहा है। दोनों ने लगभग एक जैसी तैयारी, पढ़ाई की दिनचर्या और अनुशासन के साथ परीक्षा दी थी, जिसका परिणाम भी लगभग समान रूप में सामने आया।
जानकारी के अनुसार, दोनों छात्र बचपन से ही पढ़ाई में बेहद गंभीर रहे हैं और एक-दूसरे को लगातार प्रेरित करते रहे हैं। उनके शिक्षकों का कहना है कि दोनों का पढ़ाई का तरीका भी काफी समान है, जिसमें नियमित अभ्यास, समय प्रबंधन और कठिन विषयों पर विशेष ध्यान शामिल है।
परीक्षा परिणाम घोषित होते ही स्कूल में खुशी का माहौल बन गया। शिक्षकों और सहपाठियों ने दोनों छात्रों को बधाई दी और उनकी उपलब्धि को प्रेरणादायक बताया। स्कूल प्रशासन ने कहा कि यह उपलब्धि अन्य छात्रों के लिए भी एक उदाहरण है कि सही दिशा में मेहनत करने से असाधारण परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
परिवार में भी इस उपलब्धि को लेकर गर्व और खुशी का माहौल है। माता-पिता ने बताया कि दोनों बच्चों ने पढ़ाई को हमेशा प्राथमिकता दी और किसी भी तरह की लापरवाही से दूर रहते हुए लगातार मेहनत की। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों एक-दूसरे के लिए प्रेरणा बने रहे।
जालंधर के शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के परिणाम दुर्लभ होते हैं और यह दर्शाते हैं कि विद्यार्थियों में निरंतरता और अनुशासन कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जुड़वां बच्चों की यह सफलता बाकी छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
सोशल मीडिया पर भी इस उपलब्धि की खूब चर्चा हो रही है। लोग इसे “ट्विन टैलेंट” और “समान मेहनत, समान परिणाम” जैसे शब्दों से सराह रहे हैं। कई यूजर्स ने दोनों छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
कुल मिलाकर, जालंधर के इन जुड़वां छात्रों की यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उनकी यह कहानी यह साबित करती है कि मेहनत, अनुशासन और आपसी सहयोग से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
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