पंजाब
अमृतसर में बिजली तारों से पराली की ट्रॉली में लगी आग
Rajeshwari Nishad
18 Oct 2026 10:17 PM IST

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अमृतसर। चोगावां में अमृतसर-अटारी बाईपास के पास रविवार को रिहायशी इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पराली की गांठों से भरी एक ट्राली में आग लग गई। बताया गया है कि ट्राली बिजली की नीची तारों के संपर्क में आ गई थी, जिसके बाद उसमें आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं। रिहायशी इलाके में आग फैलने की आशंका से आसपास के घरों में रहने वाले लोगों के बीच दहशत का माहौल बन गया।
घटना के बाद मोहल्ले के लोग एकजुट होकर आग बुझाने में जुट गए। आग की लपटों को काबू करने के लिए लोगों ने उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया। स्थिति ऐसी हो गई कि आग बुझाने के प्रयास में घरों की पानी की टंकियां तक खाली करनी पड़ीं। घटना ने रिहायशी इलाकों के आसपास बिजली की नीची तारों और ज्वलनशील कृषि सामग्री के परिवहन को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ा दी हैं।
बिजली की नीची तारों के संपर्क में आई ट्राली
जानकारी के अनुसार, चोगावां में अमृतसर-अटारी बाईपास के पास पराली की गांठों से भरी एक ट्राली गुजर रही थी। इसी दौरान ट्राली बिजली की नीची तारों के संपर्क में आ गई। इसके बाद ट्राली में आग लग गई। पराली अत्यधिक ज्वलनशील होती है, इसलिए उसमें आग लगने के बाद लपटें तेजी से उठने लगीं।
घटना रिहायशी इलाके के पास हुई, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को आग के घरों तक पहुंचने का डर सताने लगा। आग की लपटें दिखाई देते ही लोगों में हलचल मच गई। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और आग बुझाने के लिए जुटने लगे।
हालांकि, बिजली की तारों के संपर्क में आने से आग किस तरह लगी और क्या उस समय बिजली की आपूर्ति बाधित की गई थी, इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे मामलों में आग बुझाने से पहले बिजली की आपूर्ति सुरक्षित तरीके से बंद कराना बेहद जरूरी होता है।
आग की लपटें देखकर लोगों में फैली दहशत
ट्राली में आग लगने के बाद उठती लपटों ने आसपास के लोगों को डरा दिया। रिहायशी इलाके में आग लगने के कारण लोगों को आशंका थी कि कहीं लपटें पास के घरों या अन्य संपत्तियों तक न पहुंच जाएं। ऐसे में मोहल्ले के लोग बिना देर किए आग बुझाने के प्रयास में जुट गए।
स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। इस दौरान उपलब्ध पानी का इस्तेमाल किया गया। आग बुझाने के लिए लोगों को अपने घरों की पानी की टंकियां तक खाली करनी पड़ीं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आग पर काबू पाने के लिए स्थानीय लोगों को कितनी मशक्कत करनी पड़ी।
रिहायशी इलाके में इस तरह की घटना होने पर आसपास के घरों, वाहनों और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है। पराली की गांठों में आग तेजी से फैल सकती है और धुएं के कारण आसपास के लोगों को भी परेशानी हो सकती है।
मोहल्लावासियों ने मिलकर आग बुझाने का किया प्रयास
आग लगने के बाद स्थानीय लोगों ने सामूहिक रूप से उसे बुझाने की कोशिश की। घरों से पानी लाकर आग पर डालने का प्रयास किया गया। आग की गंभीरता को देखते हुए लोगों ने अपने स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया। घरों की पानी की टंकियां खाली करने की नौबत आने से साफ है कि आग पर काबू पाने में काफी पानी खर्च हुआ।
ऐसी स्थिति में लोगों की तत्परता महत्वपूर्ण हो सकती है, लेकिन बिजली की तारों के आसपास आग लगने पर अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है। यदि तारों में करंट प्रवाहित हो रहा हो, तो पानी डालने से बिजली का झटका लगने का खतरा हो सकता है। इसलिए सबसे पहले संबंधित बिजली विभाग को सूचना देकर बिजली की आपूर्ति बंद कराने और अग्निशमन कर्मियों की मदद लेने को प्राथमिकता देनी चाहिए।
फिलहाल, घटना में किसी के घायल होने, ट्राली को हुए नुकसान या आग से आसपास के मकानों पर पड़े प्रभाव को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इन पहलुओं की पुष्टि संबंधित अधिकारियों की जानकारी मिलने के बाद ही की जा सकती है।
बिजली की तारों और पराली के परिवहन पर उठे सवाल
चोगावां की इस घटना ने रिहायशी क्षेत्रों में बिजली की तारों की ऊंचाई और कृषि सामग्री से भरी ट्रालियों की आवाजाही को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पराली की गांठें सूखी होने के कारण आसानी से आग पकड़ सकती हैं। ऐसे में यदि ट्राली बिजली की नीची तारों के संपर्क में आ जाए, तो बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहता है।
रिहायशी इलाकों में बिजली की तारों की सुरक्षित ऊंचाई बनाए रखना और समय-समय पर उनकी जांच करना जरूरी है। वहीं, पराली या अन्य ज्वलनशील सामग्री से भरी ट्रालियों को ले जाते समय रास्ते में मौजूद बिजली की तारों और अन्य बाधाओं का ध्यान रखना चाहिए।
स्थानीय स्तर पर बिजली विभाग और संबंधित प्रशासन की ओर से ऐसे स्थानों की जांच की जाए, जहां तारें सड़क के नजदीक या अपेक्षाकृत नीचे हों, तो भविष्य में दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में मदद मिल सकती है।
भविष्य में ऐसे हादसों से बचाव जरूरी
चोगावां में अमृतसर-अटारी बाईपास के पास हुई इस घटना ने लोगों को दहशत में डाल दिया। पराली की गांठों से भरी ट्राली में आग लगने के बाद मोहल्लावासियों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास किया और इसके लिए घरों की पानी की टंकियों तक का पानी इस्तेमाल करना पड़ा।
इस घटना से सबक लेते हुए रिहायशी इलाकों में बिजली की तारों की स्थिति की जांच, ज्वलनशील सामग्री के सुरक्षित परिवहन और आपातकालीन परिस्थितियों में अग्निशमन सेवाओं की मदद लेने पर ध्यान देना जरूरी है। इससे न केवल संपत्ति को होने वाले नुकसान का जोखिम कम किया जा सकता है, बल्कि लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।
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