'ए-कैटेगरी गैंगस्टर कर रहे हैं बुलेटप्रूफ वाहन का प्रयोग', High Court ने पंजाब सरकार की लापरवाही पर जताई नाराजगी

Chandigarh.चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब में वाहनों को बुलेटप्रूफ में तब्दील करने की प्रक्रिया पर गंभीर चिंता जताई है। यह मामला तब प्रकाश में आया जब याचिकाकर्ता कमलेश ने बताया कि उसका बेटा जो ए श्रेणी का गैंगस्टर है और उसके खिलाफ कुल 41 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से 14 अभी भी लंबित हैं, उसने पंजाब में पंजीकृत एक वाहन को बिना किसी कानूनी अनुमति या नियंत्रण के बुलेटप्रूफ में तब्दील करवा लिया। कोर्ट ने इस स्थिति को आश्चर्यजनक और चिंताजनक बताया और माना कि इस पूरे विषय पर राज्य सरकार की लापरवाही और नीति की कमी सामने आ रही है।
इस गंभीर मुद्दे को देखते हुए कोर्ट ने पंजाब सरकार के पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा दायर कर स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि क्या राज्य में इस प्रकार के वाहन संशोधन को नियंत्रित करने के लिए कोई नीति, आदेश या दिशा-निर्देश मौजूद हैं। कोर्ट ने विशेष रूप से यह जानना चाहा कि क्या ऐसा कोई प्रावधान है जो यह सुनिश्चित करता है कि बुलेटप्रूफ जैसे सुरक्षात्मक उपकरण अपराधियों, आतंकवादियों या असामाजिक तत्वों के हाथों में न जाएं।इस मामले में पंजाब के पुलिस महानिदेशक द्वारा दायर 6 अप्रैल 2025 के हलफनामे में भारत सरकार के गृह मंत्रालय की एक पुरानी नीति का हवाला दिया गया था, जो 16 अप्रैल 2003 को जारी की गई थी। इस नीति का उद्देश्य बुलेटप्रूफ जैकेट, हेलमेट, वाहन आदि सुरक्षात्मक उपकरणों के निर्माण, वितरण, बिक्री और उपयोग को विनियमित करना था।





