पंजाब

Punjab का 7 वर्षीय बालक बना अन्नपूर्णा सर्किट का सबसे कम उम्र का विजेता

Ratna Netam
20 April 2026 1:08 PM IST
Punjab का 7 वर्षीय बालक बना अन्नपूर्णा सर्किट का सबसे कम उम्र का विजेता
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Punjab.पंजाब: पंजाब के रोपड़ जिले के सात वर्षीय लड़के ने एक अद्भुत उपलब्धि हासिल कर अन्नपूर्णा सर्किट पूरा कर दुनिया का सबसे कम उम्र का व्यक्ति बनकर वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया है। यह साहसिक और शारीरिक endurance की चुनौती पूरी तरह से कठिन पर्वतीय मार्गों और ऊँचाई वाले रास्तों पर आधारित है, जो किसी भी उम्र के लिए चुनौतीपूर्ण मानी जाती है।
अन्नपूर्णा सर्किट, जो नेपाल के हिमालय क्षेत्र में स्थित है, लगभग 230 किलोमीटर लंबा है और इसमें 5,400 मीटर से अधिक की ऊँचाई वाले पास भी शामिल हैं। इस सर्किट को पूरा करने के लिए पर्वतारोहियों को कई दिन और कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। सात साल के इस बच्चे ने अपने परिवार और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में यह चुनौती पूरी की।
इस उपलब्धि पर रोपड़ के स्थानीय प्रशासन और समाज ने खुशी जताई। जिला प्रशासन ने बच्चे को सम्मानित किया और उसकी उपलब्धि को इतिहास में दर्ज करने की घोषणा की। उन्होंने कहा, “यह उपलब्धि केवल रोपड़ या पंजाब के लिए ही नहीं बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का क्षण है। इतनी कम उम्र में किसी ने अन्नपूर्णा सर्किट पूरी करना असाधारण साहस और फिटनेस का प्रमाण है।”
बच्चे के माता-पिता ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को बचपन से ही स्वास्थ्य, खेल और बाहरी गतिविधियों में प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि उनका बेटा हमेशा साहसिक गतिविधियों और नई चुनौतियों में दिलचस्पी दिखाता था। इस रिकॉर्ड के लिए प्रशिक्षकों ने उसकी सुरक्षा और फिटनेस पर विशेष ध्यान रखा।
अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड बुक के अधिकारियों ने भी इस उपलब्धि को प्रमाणित किया है। उन्होंने बताया कि यह रिकॉर्ड अब सभी उम्र वर्गों के लिए सबसे कम उम्र वाले अन्नपूर्णा सर्किट विजेता के रूप में दर्ज किया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस उम्र में इतनी लंबी दूरी तय करना और पर्वतीय परिस्थितियों में सफल होना किसी चमत्कार से कम नहीं। यह न केवल शारीरिक क्षमता को दर्शाता है बल्कि मानसिक दृढ़ता, साहस और धैर्य की भी परिचायक है।
स्थानीय स्कूल और खेल संस्थानों ने बच्चे को प्रेरणा का स्रोत बताया। उनका मानना है कि इससे अन्य बच्चों में साहसिक खेलों और स्वास्थ्यप्रद गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ेगी।
इस तरह, रोपड़ के 7 वर्षीय बच्चे की यह उपलब्धि साहस, फिटनेस और दृढ़ संकल्प का अद्वितीय उदाहरण है। अन्नपूर्णा सर्किट में सबसे कम उम्र में सफल होने का यह रिकॉर्ड अब कई वर्षों तक याद किया जाएगा और बच्चों के साहसिक खेलों के प्रति उत्साह को बढ़ावा देगा।
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