पंजाब

62 महिलाओं का एक ही बैंक खाता, योजना में फर्जीवाड़ा

Saba Naaz
17 July 2026 3:15 PM IST
62 महिलाओं का एक ही बैंक खाता, योजना में फर्जीवाड़ा
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पंजाब: मांवां-धीयां सत्कार योजना के पंजीकरण में तरनतारन जिले से एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। योजना के तहत पात्र महिलाओं का पंजीकरण करते समय 62 महिलाओं के दस्तावेजों में एक ही बैंक खाता नंबर दर्ज पाया गया। जांच में खुलासा हुआ कि यह बैंक खाता किसी लाभार्थी महिला का नहीं, बल्कि संबंधित आंगनवाड़ी वर्कर के बेटे के नाम पर था। मामले के सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने आंगनवाड़ी वर्कर और उसके बेटे के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, पंजाब सरकार की ओर से महिलाओं के लिए शुरू की गई मांवां-धीयां सत्कार योजना के तहत पहली जुलाई से पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस योजना का उद्देश्य पात्र महिलाओं तक सरकारी सहायता पहुंचाना है। इसके लिए आंगनवाड़ी कर्मचारियों को लाभार्थी महिलाओं के दस्तावेज एकत्र कर ऑनलाइन पंजीकरण की जिम्मेदारी दी गई थी।

तरनतारन जिले के चोहला साहिब ब्लॉक में पंजीकरण और दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान अधिकारियों को गड़बड़ी का पता चला। खडूर साहिब क्षेत्र की 62 महिलाओं के आवेदन में एक ही बैंक खाता नंबर दर्ज था। अधिकारियों को यह देखकर संदेह हुआ और जब खाते की जांच की गई तो पता चला कि यह खाता योजना की किसी लाभार्थी महिला का नहीं, बल्कि गांव भैल ढाए वाला की आंगनवाड़ी वर्कर के बेटे का है।

जांच में सामने आया कि गांव भैल ढाए वाला की आंगनवाड़ी वर्कर जतिंदर कौर को अन्य कर्मचारियों की तरह योजना के लिए पात्र महिलाओं का पंजीकरण करने की जिम्मेदारी दी गई थी। आरोप है कि पंजीकरण के दौरान 62 महिलाओं के आवेदन में एक ही बैंक खाता नंबर दर्ज कर दिया गया।

प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित बैंक खाता आंगनवाड़ी वर्कर के बेटे गुरबाज सिंह के नाम पर है। अधिकारियों को आशंका है कि आंगनवाड़ी वर्कर ने अपना लॉगिन पासवर्ड बेटे के साथ साझा किया था। इसके बाद बेटे ने महिलाओं के आवेदन भरते समय अपना निजी बैंक खाता नंबर दर्ज कर दिया।

यदि समय रहते विभागीय स्तर पर सत्यापन नहीं किया जाता तो योजना की राशि गलत खाते में जाने की संभावना थी। दस्तावेजों की जांच के दौरान एक ही बैंक खाते से जुड़े 62 नाम सामने आने के बाद विभाग ने तुरंत मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू कर दी।

मामले की जानकारी मिलने के बाद चंडीगढ़ स्तर के अधिकारियों ने जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी। इसके बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी की ओर से स्थानीय स्तर पर जांच कराई गई। जांच में प्रारंभिक तौर पर अनियमितताएं मिलने के बाद पुलिस को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया।

बाल विकास परियोजना अधिकारी निवेदिता कुमरा की शिकायत पर गोइंदवाल साहिब थाना पुलिस ने आंगनवाड़ी वर्कर जतिंदर कौर और उसके बेटे गुरबाज सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया गया है।

जिला पुलिस प्रमुख सुरेंद्र लांबा ने बताया कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने साफ किया है कि मांवां-धीयां सत्कार योजना को पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया जा रहा है। सभी लाभार्थियों के दस्तावेजों और बैंक खातों का चरणबद्ध तरीके से सत्यापन किया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया की अहमियत को भी सामने लाता है। प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक पात्र महिलाओं तक ही पहुंचे और किसी भी तरह की अनियमितता को रोका जा सके।

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