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मंडी में स्थित फ्लिपकार्ट के गोदाम में हुई चोरी की घटना को कथित तौर पर बहुत सोच-समझकर अंजाम दिया गया था। आरोपियों ने फर्जी आईडी का इस्तेमाल करके 480 ऑर्डर दिए थे। इस मामले में फ्लिपकार्ट के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। जिले में अब तक हुई चोरियों में यह सबसे बड़ी घटना बताई जा रही है। बठिंडा के डीएसपी (डिटेक्टिव) संदीप भाटी ने सोमवार को बताया कि फ्लिपकार्ट के कर्मचारी बलजिंदर सिंह, लवप्रीत सिंह और सुरिंदर सिंह (तीनों की उम्र लगभग 35 साल है) को गिरफ्तार कर लिया गया है। डीएसपी ने कहा, "आरोपियों ने फर्जी आईडी का इस्तेमाल करके मोबाइल फोन और अन्य सामान मंगाने के लिए 480 ऑर्डर दिए थे।
उन्होंने 14 अक्टूबर को भी ऐसा ही करने की कोशिश की थी, लेकिन कंपनी द्वारा ऑर्डर रद्द कर दिए जाने के कारण वे उन तक नहीं पहुंच पाए।" उन्होंने बताया कि चोरी हुए सामान को बरामद करने की कोशिशें जारी हैं। डीएसपी के अनुसार, फ्लिपकार्ट के पूर्व कर्मचारी गौतम ने ही इस चोरी की योजना बनाई थी। फ्लिपकार्ट के एनफोर्समेंट ऑफिसर हरजिंदर कुमार की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, नथाना पुलिस ने मानसा के लवप्रीत सिंह, बरनाला जिले के टापा निवासी सुरिंदर सिंह, हरियाणा के फतेहाबाद जिले के हरोली निवासी बलजिंदर सिंह, हरियाणा के टोहाना निवासी गौतम और मानसा के सुखप्रीत सोनी के खिलाफ मामला दर्ज किया। बाद में पुलिस ने इस मामले में सुखप्रीत की पत्नी और पिता, तथा गौतम के पिता को भी आरोपी बनाया।
सूत्रों के अनुसार, यह गोदाम फ्लिपकार्ट के बिजनेस पार्टनर (फ्रैंचाइजी) द्वारा चलाया जा रहा था और यहाँ 5 अक्टूबर से काम शुरू हुआ था। पुलिस के मुताबिक, शनिवार तड़के करीब 1:30 बजे मोबाइल फोन और अन्य सामानों की एक खेप गोदाम में पहुंची थी। आरोपी कथित तौर पर सामान चुराकर सुबह करीब 3 बजे वहां से फरार हो गए। चोरी का पता शनिवार सुबह चला, जब अन्य कर्मचारियों ने देखा कि शटर का ताला गायब था। आरोपियों ने कथित तौर पर सीसीटीवी कैमरों का डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) भी अपने साथ ले लिया था।
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