
ओडिशा: सुंदरगढ़ जिले के राउरकेला स्थित चांदीपोष थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ कथित तौर पर बकरी चोरी के शक में उग्र भीड़ के हिंसक हमले से बचने के लिए ब्राह्मणी नदी में छलांग लगाने वाले एक युवक का शव गुरुवार सुबह बरामद कर लिया गया है। युवक पिछले पांच दिनों से लापता था और प्रशासन द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। इस खौफनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव और सनसनी का माहौल बना हुआ है। भीड़तंत्र के इस रूप ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह पूरी घटना बीते 10 जुलाई की है। चांदीपोष थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक सुदूर ग्रामीण इलाके में चार युवक पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ स्थानीय ग्रामीणों को उन पर बकरी चोरी करने का संदेह हुआ। देखते ही देखते इस संदेह ने एक उग्र रूप धारण कर लिया और गाँव के अन्य लोग भी वहाँ इकट्ठा हो गए। बिना किसी ठोस सबूत या पुलिस को सूचना दिए, ग्रामीणों ने खुद ही न्याय करने का फैसला कर लिया। उग्र भीड़ ने चारों युवकों को घेर लिया और उन पर लाठी-डंडों व लात-घूसों से बेरहमी से हमला कर दिया। भीड़ चारों युवकों को बेरहमी से पीट रही थी और वे अपनी जान बख्शने की गुहार लगा रहे थे, लेकिन हिंसक हो चुके लोगों पर इसका कोई असर नहीं हुआ।
भीड़ के इस अचानक और जानलेवा हमले से चारों युवक बुरी तरह घबरा गए। ग्रामीणों के चंगुल से किसी तरह छूटकर उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए दौड़ लगा दी। उग्र भीड़ भी उनके पीछे-पीछे दौड़ रही थी। भागते-भागते युवक पास ही बह रही ब्राह्मणी नदी के किनारे पहुंच गए। पीछे दौड़ती हिंसक भीड़ और मौत को सामने देख, एक युवक ने अपनी जान बचाने के आखिरी प्रयास में उग्र लहरों वाली ब्राह्मणी नदी में छलांग लगा दी। नदी में पानी का बहाव तेज होने के कारण युवक देखते ही देखते आँखों से ओझल हो गया और पानी के तेज करंट में बह गया। वहीं, बाकी के तीन युवकों को भीड़ ने पकड़ लिया और उनके साथ भी जमकर मारपीट की गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय चांदीपोष थाना पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले भीड़ के चंगुल से घायल युवकों को छुड़ाया और उन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद नदी में डूबे युवक की तलाश के लिए एक व्यापक रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। स्थानीय गोताखोरों और आपदा प्रबंधन की टीम को भी काम पर लगाया गया। नदी का जलस्तर और तेज बहाव होने के कारण बचाव दल को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लगातार पांच दिनों तक चली कड़ी मशक्कत और खोजबीन के बाद आखिरकार गुरुवार सुबह युवक का शव घटनास्थल से कुछ दूरी पर नदी से बरामद किया गया।
युवक का शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे अपने कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया है। पुलिस प्रशासन ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। चांदीपोष थाना पुलिस ने इस संबंध में हत्या, दंगा भड़काने और गैर-कानूनी रूप से भीड़ इकट्ठा करने की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून को अपने हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है। घटना के वीडियो और स्थानीय गवाहों के आधार पर उन ग्रामीणों की पहचान की जा रही है जो इस हिंसक भीड़ का हिस्सा थे और जिन्होंने युवकों को नदी में कूदने पर मजबूर किया। पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की गई है।





