
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने राज्य में सुरक्षित और स्मार्ट शहरी परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने ‘लोकल सेल्फ-गवर्नमेंट डे’ (स्थानीय स्व-शासन दिवस) के अवसर पर ‘ओडिशा यात्री सेफ्टी ऐप’ लॉन्च किया। यह ऐप यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसमें आपातकालीन सहायता के लिए कई आधुनिक फीचर्स शामिल किए गए हैं।
इस सुरक्षा पहल को ‘ओडिशा यात्री’ प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ा गया है। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य में नागरिकों को सुरक्षित, स्मार्ट और भरोसेमंद परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
ऐप में शामिल किए गए इमरजेंसी फीचर्स
‘ओडिशा यात्री सेफ्टी ऐप’ में कई ऐसे फीचर्स जोड़े गए हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को तुरंत मदद पहुंचाने में सहायक होंगे।
लॉन्च कार्यक्रम में आवास एवं शहरी विकास मंत्री डॉ. कृष्ण चंद्र महापात्रा और ‘ओडिशा यात्री’ की ब्रांड एंबेसडर एवं अभिनेत्री अर्चिता साहू भी मौजूद रहीं।
सरकार का कहना है कि यह पहल यात्रियों को अधिक सुरक्षित महसूस कराने और आपात परिस्थितियों में तेज प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
भारत का पहला सरकारी सेफ्टी ऐप होने का दावा
सरकार के अनुसार, ‘ओडिशा यात्री सेफ्टी ऐप’ भारत का पहला सरकारी सेफ्टी ऐप है, जिसे यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विकसित किया गया है।
इस ऐप को एक सरल सिद्धांत पर तैयार किया गया है कि जब किसी व्यक्ति को मदद की जरूरत हो, तो सुरक्षा विकल्प आसानी से उपलब्ध होना चाहिए। उसे किसी लंबे मेन्यू या कई चरणों से गुजरने की जरूरत नहीं पड़े।
‘शेक एंड अलर्ट’ फीचर सबसे खास
इस ऐप की सबसे खास सुविधा ‘शेक एंड अलर्ट’ फीचर है। इसके तहत यूजर केवल अपना फोन हिलाकर आपातकालीन अलर्ट भेज सकता है।
आमतौर पर किसी खतरे या परेशानी की स्थिति में व्यक्ति के लिए फोन खोलना, ऐप ढूंढना या SOS बटन तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। ऐसी स्थिति में यह फीचर बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।
फोन हिलाते ही संबंधित अलर्ट सिस्टम सक्रिय होगा और मदद पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी।
आपात स्थिति में तेज मदद का लक्ष्य
सरकार का कहना है कि सुरक्षा ऐप का उद्देश्य यात्रियों को संकट की स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराना है।
कई बार दुर्घटना, असुरक्षा या किसी अन्य आपात स्थिति में व्यक्ति के पास समय कम होता है। ऐसे में आसान और तेज अलर्ट सिस्टम लोगों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
नागरिक केंद्रित परिवहन व्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस पहल को राज्य में नागरिक केंद्रित परिवहन व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों की सुविधा और सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सकता है। सरकार का लक्ष्य है कि शहरी परिवहन सेवाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जाए।
यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने की पहल
‘ओडिशा यात्री’ प्लेटफॉर्म पहले से ही शहरी परिवहन सेवाओं को आसान बनाने के लिए काम कर रहा है। अब इसमें सुरक्षा सुविधाएं जोड़कर इसे और मजबूत किया गया है।
इससे यात्रियों को केवल यात्रा सुविधा ही नहीं, बल्कि सुरक्षा का भरोसा भी मिलेगा।
महिलाओं और अकेले यात्रियों के लिए उपयोगी
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे फीचर्स विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों और अकेले यात्रा करने वाले लोगों के लिए मददगार साबित हो सकते हैं।
आपात स्थिति में बिना किसी जटिल प्रक्रिया के अलर्ट भेजने की सुविधा यात्रियों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान कर सकती है।
तकनीक के जरिए मजबूत होगी सुरक्षा व्यवस्था
राज्य सरकार लगातार डिजिटल तकनीक के माध्यम से नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है।
‘ओडिशा यात्री सेफ्टी ऐप’ इसी दिशा में एक प्रयास है, जिसमें तकनीक और सुरक्षा को जोड़कर यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्था तैयार करने की कोशिश की गई है।
भविष्य में और सुविधाएं जुड़ने की संभावना
सरकार का कहना है कि आने वाले समय में ऐप में जरूरत के अनुसार और भी सुविधाएं जोड़ी जा सकती हैं।
फिलहाल ‘ओडिशा यात्री सेफ्टी ऐप’ को राज्य में सुरक्षित परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसके जरिए यात्रियों को आपात स्थिति में तेजी से सहायता मिलने की उम्मीद है।





