
भुवनेश्वर। ओडिशा में चक्रवात 'अरनाब' के प्रभाव से हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। गंजाम जिले के भंजनगर ब्लॉक की बाइबाली पंचायत के गिदिपाबली गांव के पास भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के बाद कम से कम 12 से 13 लोगों के लापता होने की खबर है। पहाड़ी इलाके से मिट्टी, चट्टानें, उखड़े हुए पेड़ और पानी का तेज बहाव नीचे आने से आसपास के क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। लगातार बारिश के कारण कई इलाके जलमग्न हैं और प्रशासन के सामने राहत एवं बचाव कार्य बड़ी चुनौती बन गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गुरुवार तड़के करीब तीन बजे पहाड़ी इलाके में भूस्खलन और तेज बहाव की घटना सामने आई। इसके बाद गांव के कई लोगों का संपर्क टूट गया। कुछ ग्रामीण सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने में सफल रहे, लेकिन कई लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
ताजा मीडिया रिपोर्टों में लापता लोगों की संख्या 12 से 13 के बीच बताई गई है। गंजाम और कंधमाल जिलों के प्रशासन ने लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान शुरू किया है।
पहाड़ से अचानक नीचे आया मलबा और पानी
जानकारी के मुताबिक, चक्रवात अरनाब के कारण गंजाम और आसपास के जिलों में लगातार तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान पहाड़ी ढलानों पर मिट्टी कमजोर पड़ने से भूस्खलन हुआ।
पहाड़ से मिट्टी, पत्थर और पेड़ों के साथ बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर बहने लगा। अचानक आए इस तेज बहाव से निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया।
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, गिदिपाबली गांव और आसपास के रास्तों पर भूस्खलन का गंभीर असर पड़ा है।
कई स्थानों पर मलबा जमा होने और पानी का बहाव बढ़ने से आवाजाही प्रभावित हुई है।
हालांकि, गांव में कितने मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, इसका आधिकारिक आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं है।
सुरक्षित स्थान पर जाते समय लापता हुए ग्रामीण
घटना से जुड़ी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि बारिश तेज होने के बाद गिदिपाबली गांव के लगभग 20 से 21 लोग कंधमाल जिले के कटिजंगा स्थित एक आश्रय स्थल की ओर जा रहे थे।
इसी दौरान पहाड़ी क्षेत्र में भूस्खलन के बाद अचानक पानी का तेज बहाव आया।
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, लगभग सात से आठ ग्रामीण आश्रय स्थल तक पहुंच पाए, जबकि शेष 12 से 13 लोगों का पता नहीं चल सका।
यह जानकारी संकेत देती है कि कुछ लोग सुरक्षित स्थान तक पहुंचने की कोशिश के दौरान आपदा की चपेट में आए होंगे।
हालांकि, घटनाक्रम की पूरी जानकारी और सभी प्रभावित लोगों की पहचान प्रशासनिक सत्यापन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
लापता लोगों की तलाश में जुटा प्रशासन
गंजाम और कंधमाल जिलों के प्रशासन ने लापता ग्रामीणों का पता लगाने के लिए खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया है।
भंजनगर के उपजिलाधिकारी उमाशंकर बेहरा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि लापता लोगों को खोजने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बालिगुड़ा प्रशासन भी बचाव कार्य में सहयोग कर रहा है।
गंजाम पुलिस की ओर से भी बताया गया है कि तलाश अभियान जारी है और लापता लोगों के संबंध में जानकारी मिलने पर आगे का विवरण साझा किया जाएगा।
पहाड़ी इलाके में लगातार बारिश, कीचड़ और क्षतिग्रस्त रास्तों के कारण राहत कार्य चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
बचाव दलों के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता लोगों तक पहुंचने और प्रभावित क्षेत्रों में फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने की है।
गंजाम में बाढ़ से हजारों लोग प्रभावित
चक्रवात अरनाब का प्रभाव केवल गिदिपाबली गांव तक सीमित नहीं है। गंजाम जिले के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण गंभीर बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
सोरडा, आस्का, भंजनगर और पुरुषोत्तमपुर जैसे क्षेत्र बाढ़ से अधिक प्रभावित बताए गए हैं।
निचले इलाकों में पानी भरने से कई गांवों का सड़क संपर्क बाधित हो गया है। बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करते हुए आपदा प्रतिक्रिया दलों को तैनात किया है।
रिपोर्टों के अनुसार, गंजाम जिले में 11 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। राहत और बचाव कार्य में विभिन्न एजेंसियों को लगाया गया है।
हेलीकॉप्टर से पहुंचाई जा रही राहत सामग्री
बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों की सहायता के लिए ओडिशा सरकार ने हवाई राहत अभियान भी शुरू किया है।
शुक्रवार को चार रक्षा हेलीकॉप्टरों की मदद से प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री के पैकेट गिराए गए।
कई स्थानों पर सड़क संपर्क टूटने और बाढ़ का पानी जमा होने के कारण राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हवाई मार्ग का सहारा लेना पड़ा।
राज्य सरकार ने राहत एवं बचाव अभियान को मजबूत बनाने के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की भी तैनाती की है।
अधिकारियों की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को भोजन, सुरक्षित आश्रय और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।
कंधमाल में भूस्खलन से तीन लोगों की मौत
अरनाब के प्रभाव से हुई भारी बारिश के बीच कंधमाल जिले में भी एक दुखद घटना सामने आई है।
शुक्रवार को हुए एक अन्य भूस्खलन में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में नौ महीने का एक बच्चा भी शामिल था।
यह घटना गिदिपाबली के पास लापता ग्रामीणों वाले मामले से अलग है।
कंधमाल में तीन लोगों की मौत और गंजाम-कंधमाल सीमा क्षेत्र में ग्रामीणों के लापता होने की घटनाओं ने पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश से उत्पन्न खतरों को उजागर किया है।
लगातार बारिश से बढ़ता है भूस्खलन का खतरा
पहाड़ी इलाकों में लंबे समय तक बारिश होने पर मिट्टी के भीतर पानी का दबाव बढ़ सकता है। इससे ढलानों की स्थिरता कमजोर पड़ती है और भूस्खलन की आशंका बढ़ जाती है।
कई बार पहाड़ी क्षेत्रों में जमा पानी अचानक तेज बहाव के साथ नीचे आता है। ऐसे में रास्तों, घरों और निचले इलाकों में मौजूद लोगों को गंभीर खतरा हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में पहाड़ी ढलानों, नालों और तेज बहाव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने और सुरक्षित आश्रय स्थलों तक पहुंचने के लिए निर्धारित मार्गों का उपयोग करने से जोखिम कम किया जा सकता है।
लापता लोगों के परिवारों को अपनों की तलाश
गिदिपाबली गांव में लापता लोगों के परिवारों के लिए स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
परिजन अपने प्रियजनों के बारे में जानकारी मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। लगातार बारिश और प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में कठिनाई के कारण चिंता बढ़ रही है।
इस बीच प्रशासन की ओर से खोज एवं बचाव अभियान जारी रखने की जानकारी दी गई है।
फिलहाल लापता लोगों की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए उन्हें मृत मानना उचित नहीं होगा।
ओडिशा में चक्रवात अरनाब से उत्पन्न इस आपदा ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में समय पर चेतावनी, सुरक्षित निकासी और प्रभावी आपदा प्रबंधन की आवश्यकता को सामने ला दिया है।





