
Odisha ओडिशा: ओडिशा सरकार ने भुवनेश्वर–पुरी नेशनल हाईवे (NH) को छह लेन में बदलने के काम को तेज कर दिया है। इस महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना को लेकर वर्क्स डिपार्टमेंट में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी संजय कुमार सिंह ने की। बैठक में परियोजना से जुड़े विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रस्तावित योजना के अनुसार भुवनेश्वर और पुरी को जोड़ने वाले NH-316 को मौजूदा चार लेन से बढ़ाकर छह लेन किया जाएगा। यह लगभग 67 किलोमीटर लंबा हाईवे राज्य की प्रमुख धार्मिक और पर्यटन कनेक्टिविटी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके साथ ही हाईवे के दोनों ओर दो-दो लेन की सर्विस रोड भी बनाई जाएगी, जिससे स्थानीय यातायात और मुख्य ट्रैफिक को अलग-अलग रखा जा सकेगा।
परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सप्तसती स्क्वायर से लिंगीपुर स्क्वायर तक लगभग 11 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर होगा। इस कॉरिडोर के दोनों ओर तीन-लेन की सर्विस रोड भी विकसित की जाएगी। वर्क्स डिपार्टमेंट के अनुसार, यह एलिवेटेड कॉरिडोर भुवनेश्वर शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा और यात्रा समय में भी सुधार करेगा।
इसके अलावा परियोजना के तहत कई स्थानों पर फ्लाईओवर और व्हीकल अंडरपास (VUPs) के निर्माण की भी योजना है। इन संरचनाओं का उद्देश्य मुख्य मार्ग पर बिना रुकावट यातायात सुनिश्चित करना और दुर्घटनाओं की संभावना को कम करना है।
अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना भुवनेश्वर और पुरी के बीच यातायात व्यवस्था को आधुनिक और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। खासकर पुरी जैसे धार्मिक स्थल तक पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह हाईवे अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहां हर साल बड़ी संख्या में लोग आते हैं।
वर्क्स डिपार्टमेंट ने बताया कि परियोजना के सभी चरणों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और गति दोनों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि परियोजना निर्धारित समय में पूरी हो सके।
सरकार का मानना है कि इस हाईवे के विस्तार से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। एलिवेटेड कॉरिडोर और सर्विस रोड के निर्माण से शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम की समस्या में काफी कमी आने की उम्मीद है।





