ओडिशा

Deogarh जिले में महिला और उसके नाबालिग बेटे की करंट लगने से मौत

Kiran
3 May 2026 2:35 PM IST
Deogarh जिले में महिला और उसके नाबालिग बेटे की करंट लगने से मौत
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Deogarh देवगढ़ जिले में महिला और उसके नाबालिग बेटे की करंट लगने से मौत

ओडिशा के देवगढ़ जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जिसमें एक महिला और उसके नाबालिग बेटे की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना मंगलवार शाम को उस समय हुई जब दोनों अपने घर के पास काम कर रहे थे। महिला की पहचान **ममता देवी** (30) के रूप में की गई, और उनके बेटे की उम्र लगभग 10 साल थी, जिनका नाम **सोनू** बताया गया है।

घटना देवगढ़ जिले के **काठीकता गांव** में हुई, जहां ममता देवी अपने बेटे के साथ खेत में काम कर रही थी। उस समय अचानक खेत के पास एक खंभे में करंट फैल गया, जिससे ममता देवी और उसका बेटा झटके के साथ गिर पड़े। आसपास के लोगों ने देखा और तुरंत दोनों को अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी हालत गंभीर हो चुकी थी और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस और बिजली विभाग ने घटनास्थल का दौरा किया और जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना **विद्युत लाइन में कोई समस्या** होने के कारण हुई हो सकती है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि खेत में लगे एक बिजली के खंभे में करंट फैलने से यह हादसा हुआ। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि घटना की पूरी जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, और परिवार के अन्य सदस्य शोक में डूबे हुए हैं।

ममता देवी और उनके बेटे की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। उनके परिवार के लोग इस अचानक घटी त्रासदी को समझने में असमर्थ हैं और शोक में डूबे हुए हैं। ममता देवी का पति **रवि कुमार** जो कि एक मज़दूरी करता है, इस समय मानसिक और भावनात्मक रूप से बेहद टूट चुके हैं। उनका कहना है कि उनके परिवार के लिए यह एक बड़ी क्षति है और वे इस दर्दनाक घटना से उबरने में समय लगेगा।

**बिजली विभाग पर सवाल उठते हैं** कि क्या ऐसे मामलों से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए गए थे। इस घटना ने एक बार फिर **विद्युत सुरक्षा के महत्व** को उजागर किया है, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जहां अक्सर बिजली के खंभों और लाइनों में ढिलाई पाई जाती है। स्थानीय प्रशासन ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है और उन्होंने प्रभावित परिवार को मुआवजे का आश्वासन दिया है। साथ ही, उन्होंने सभी बिजली खंभों की सुरक्षा और ठीक से निरीक्षण करने की प्रक्रिया पर ध्यान देने का वादा किया है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय नुकसान का कारण बनी है, बल्कि यह **बिजली सुरक्षा** के मामले में प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़ा करती है।

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