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ओडिशा में फिर बदलेगा मौसम, तीन सिस्टम सक्रिय

Kavita2
22 Aug 2026 11:22 AM IST
ओडिशा में फिर बदलेगा मौसम, तीन सिस्टम सक्रिय
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भुवनेश्वर। ओडिशा में पिछले करीब डेढ़ महीने से रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच एक बार फिर मौसम के करवट लेने के संकेत मिल रहे हैं। राज्य और आसपास के क्षेत्रों में एक साथ तीन चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय बताए जा रहे हैं। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र भी बना हुआ है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

मौसम में हो रहे इस बदलाव ने राज्य के कई जिलों में एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, फिलहाल उपलब्ध मौसम संबंधी आकलन के अनुसार सभी सक्रिय प्रणालियों का प्रभाव एक जैसा नहीं है। दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश तट के पास बना चक्रवाती परिसंचरण अपेक्षाकृत कमजोर रहने की संभावना है।

तीन चक्रवाती परिसंचरण से बदला मौसम

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में तीन अलग-अलग क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इनमें पहला परिसंचरण पश्चिम-मध्य और उससे सटी उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में उत्तर आंध्र प्रदेश तथा दक्षिण ओडिशा तट के ऊपर बना हुआ है।

दूसरा चक्रवाती परिसंचरण मध्य म्यांमार के ऊपर मौजूद है, जबकि तीसरा परिसंचरण उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे बांग्लादेश के ऊपर बना हुआ है। इन मौसम प्रणालियों के साथ ही पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र भी सक्रिय है।

इन प्रणालियों के कारण वातावरण में नमी बढ़ सकती है और इसका असर ओडिशा के मौसम पर दिखाई दे सकता है। हालांकि बारिश की तीव्रता और वितरण अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रहने की संभावना है।

डेढ़ महीने से रुक-रुककर हो रही बारिश

ओडिशा में पिछले करीब डेढ़ महीने से बारिश का दौर रुक-रुककर जारी है। कई जिलों में अलग-अलग समय पर बारिश हुई है, जबकि कुछ इलाकों में बारिश की तीव्रता अपेक्षाकृत अधिक रही है।

लगातार बदलती मौसम प्रणालियों के कारण राज्य में मौसम स्थिर नहीं हो पा रहा है। अब एक साथ कई चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय होने से बारिश का एक और दौर शुरू होने की संभावना बन रही है।

बारिश का असर सामान्य जनजीवन के साथ-साथ कृषि गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में नमी की स्थिति और फसलों पर इसका प्रभाव स्थानीय बारिश की मात्रा पर निर्भर करेगा।

दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र तट की प्रणाली कमजोर

मौसम विज्ञानी विश्वजीत साहू के Odisha Weather Forecast के अनुसार, दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश तट के पास बना चक्रवाती परिसंचरण फिलहाल ज्यादा प्रभावी होने की संभावना कम है।

इसका मतलब यह है कि इस प्रणाली से बड़े स्तर पर अत्यधिक मौसम गतिविधि की संभावना फिलहाल सीमित मानी जा रही है। हालांकि, मौसम प्रणालियों की स्थिति लगातार बदलती रहती है, इसलिए इनके प्रभाव में बदलाव से इनकार नहीं किया जा सकता।

मौसम विभाग और विशेषज्ञों की नजर बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने परिसंचरणों की दिशा और तीव्रता पर बनी हुई है। समुद्र के ऊपर बनने वाली ऐसी प्रणालियां नमी को प्रभावित कर सकती हैं, जिसका सीधा असर तटीय और आसपास के क्षेत्रों में बारिश पर पड़ता है।

बंगाल की खाड़ी की प्रणालियों पर नजर

उत्तर बंगाल की खाड़ी और बांग्लादेश के आसपास सक्रिय परिसंचरण भी मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाली मौसम प्रणालियों का असर ओडिशा के कई हिस्सों में देखने को मिलता है।

यदि इन प्रणालियों की तीव्रता बढ़ती है या वे पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ती हैं तो ओडिशा में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। फिलहाल इनके व्यवहार और अगले चरण में होने वाले बदलाव पर मौसम विशेषज्ञ नजर रख रहे हैं।

मौसम प्रणालियों की स्थिति में मामूली बदलाव भी बारिश के क्षेत्र और तीव्रता को प्रभावित कर सकता है। इसलिए आने वाले दिनों के मौसम पूर्वानुमान को लगातार अपडेट करना महत्वपूर्ण होगा।

निम्न दबाव क्षेत्र भी सक्रिय

पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बने निम्न दबाव के क्षेत्र का भी मौसम पर असर पड़ सकता है। निम्न दबाव क्षेत्र आमतौर पर आसपास के वातावरण में नमी और बादल बनने की गतिविधि को प्रभावित करते हैं।

ओडिशा और पड़ोसी राज्यों में पहले से मौजूद नमी के साथ यदि यह प्रणाली अनुकूल परिस्थितियां बनाती है तो बारिश का दौर आगे बढ़ सकता है। हालांकि इसके वास्तविक प्रभाव का आकलन इसकी दिशा और मजबूती में होने वाले बदलाव के आधार पर किया जाएगा।

लोगों को सतर्क रहने की जरूरत

फिलहाल मौसम विशेषज्ञों ने राज्य के लोगों को बदलते मौसम पर नजर रखने की सलाह दी है। खासकर तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर ध्यान देना होगा।

बारिश के दौरान जलभराव, सड़क यातायात में बाधा और निचले क्षेत्रों में पानी जमा होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। यदि किसी इलाके में तेज बारिश होती है तो स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा।

किसानों के लिए भी मौसम की जानकारी महत्वपूर्ण है। खेतों में खड़ी फसलों और कृषि कार्यों को बारिश की स्थिति के अनुसार व्यवस्थित करने की आवश्यकता हो सकती है।

अगले कुछ दिन अहम

ओडिशा में मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए आने वाले कुछ दिन महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। राज्य के ऊपर सीधे तौर पर तीन चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय होने के साथ पूर्वी मध्य प्रदेश में निम्न दबाव क्षेत्र भी बना हुआ है।

हालांकि, दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश तट के पास मौजूद परिसंचरण के फिलहाल ज्यादा प्रभावी होने की संभावना कम बताई गई है। इसके बावजूद बंगाल की खाड़ी और आसपास की अन्य प्रणालियों के कारण मौसम में बदलाव जारी रह सकता है।

डेढ़ महीने से रुक-रुककर हो रही बारिश के बाद अब एक बार फिर राज्य में मौसम की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं। ऐसे में प्रशासन, किसानों और आम लोगों की नजर अगले कुछ दिनों के मौसम पूर्वानुमान पर रहेगी। मौसम प्रणालियों की दिशा और तीव्रता में होने वाले बदलाव ही तय करेंगे कि ओडिशा में बारिश का यह नया दौर कितना व्यापक और प्रभावी होगा।

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