ओडिशा

VIMSAR अधिकारी पर विजिलेंस छापा, करोड़ों की संपत्ति का खुलासा

Kavita2
30 Jun 2026 12:52 PM IST
VIMSAR अधिकारी पर विजिलेंस छापा, करोड़ों की संपत्ति का खुलासा
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Odisha ओडिशा: भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विजिलेंस विभाग ने मंगलवार को VIMSAR, बुर्ला के एस्टैब्लिशमेंट ऑफिसर-कम-ऑफिस सुपरिटेंडेंट धनुर्धर बिस्वाल से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में संपत्ति का खुलासा हुआ है, जिसमें दो बिल्डिंग, 20 से अधिक जमीन के प्लॉट, लाखों रुपये नकद, वाहन और अन्य संपत्तियां शामिल हैं।

विजिलेंस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अधिकारी के पास उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति पाई गई है। इसी आधार पर आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के मामले में यह कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान लगभग 19.72 लाख रुपये से अधिक नकद, एक हाइवा ट्रक, एक चार पहिया वाहन और कई अन्य मूल्यवान संपत्तियों का पता चला है।

यह कार्रवाई संबलपुर के विशेष विजिलेंस न्यायाधीश द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर की गई। इस पूरे ऑपरेशन में विजिलेंस विभाग की कई टीमों ने एक साथ अलग-अलग स्थानों पर छापे मारे। कार्रवाई में दो डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP), पांच इंस्पेक्टर, तीन असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) और अन्य सहयोगी स्टाफ शामिल थे।

जानकारी के अनुसार, विजिलेंस टीम ने संबलपुर जिले में कुल चार प्रमुख स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इसमें आरोपी अधिकारी के धनकौड़ा स्थित दो मंजिला आवास, गुडेसिंगा में स्थित एक अन्य भवन, बुर्ला स्थित VIMSAR मेडिकल स्टाफ कॉलोनी में उनका सरकारी क्वार्टर और VIMSAR परिसर में स्थित उनके ऑफिस चैंबर शामिल थे।

छापेमारी के दौरान टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, यह संपत्ति अधिकारी की घोषित आय से कई गुना अधिक है, जिससे भ्रष्टाचार की आशंका और मजबूत हो गई है।

विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और बरामद संपत्तियों के स्रोतों की गहन पड़ताल की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि ये संपत्तियां किस तरीके से अर्जित की गईं और क्या इसमें अन्य लोगों की भी भूमिका है।

इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि इतनी बड़ी मात्रा में संपत्ति का खुलासा एक सरकारी अधिकारी के खिलाफ गंभीर सवाल खड़े करता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों से सरकारी संस्थानों की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठते हैं। साथ ही यह भी संकेत मिलता है कि भ्रष्टाचार के मामलों में निगरानी और सख्त कार्रवाई की आवश्यकता लगातार बनी हुई है।

विजिलेंस विभाग ने साफ किया है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें संपत्ति जब्ती और आपराधिक मामला भी शामिल हो सकता है।

कुल मिलाकर, ओडिशा में हुई यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी पहल के रूप में देखी जा रही है, जहां एक सरकारी अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में व्यापक स्तर पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण खुलासे किए गए हैं।

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