
बरहमपुर: साइबर अपराधियों ने 'डिजिटल गिरफ्तारी' की तरकीब का इस्तेमाल करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी बनकर बरहमपुर विश्वविद्यालय की कुलपति (वीसी) प्रो. गीतांजलि दाश से 14 लाख रुपये ठग लिए। उनकी शिकायत के आधार पर बरहमपुर साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। प्रो. दाश ने पुलिस को बताया कि एक अज्ञात कॉलर ने खुद को ईडी अधिकारी बताकर उन्हें चार दिनों के लिए 'डिजिटल गिरफ्तारी' में रखा। फिर उसने उनकी रिहाई के लिए 14 लाख रुपये मांगे। पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधियों ने वीसी को बताया कि उनका आधार नंबर वित्तीय अनियमितताओं के एक मामले से जुड़ा हुआ पाया गया है, जिसकी निगरानी सुप्रीम कोर्ट कर रहा है। जालसाज ने उन्हें अलग-अलग मौकों पर फोन किया और उनसे 14 लाख रुपये का भुगतान करने के लिए दबाव डाला। बरहामपुर एसपी सरवण विवेक एम ने बताया कि साइबर थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, प्रोफेसर दाश को 12 फरवरी को एक अज्ञात नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को ईडी अधिकारी बताया और उन पर एक मामले में शामिल होने का आरोप लगाया।
प्रोफेसर दाश ने चेक के जरिए रकम का भुगतान किया, लेकिन बाद में जब जालसाज ने उनके फोन का जवाब नहीं दिया तो उन्हें शक हुआ। बरहामपुर एसपी ने बताया कि फोन करने वाले का मोबाइल फोन बाद में बंद पाया गया। प्रोफेसर दाश से उनकी टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं किया जा सका।





