
Odisha ओडिशा: आज के समय में जब ज्यादातर टीनएजर सोशल मीडिया और सेल्फी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, वहीं ओडिशा के राउरकेला की दो युवतियों समायरा अग्रवाल और आरणा अग्रवाल ने पर्यावरण और स्वच्छता के क्षेत्र में एक अनोखी पहल शुरू कर सबका ध्यान आकर्षित किया है। दोनों ने मिलकर “शुद्धि” नाम का स्टार्टअप लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य इस्तेमाल किए गए साबुन को रीसायकल कर दोबारा उपयोग योग्य बनाना है।
इस स्टार्टअप के तहत दोनों टीनएजर्स होटल और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री से इस्तेमाल किए गए और फेंके गए साबुन इकट्ठा करती हैं। इसके बाद इन साबुनों को एक विशेष प्रक्रिया से गुजारा जाता है, जिसमें उन्हें साफ, डिसइंफेक्ट और दोबारा उपयोग के लिए सुरक्षित बनाया जाता है।
रीसायकल किए गए इन साबुनों को बाद में ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में जरूरतमंद समुदायों के बीच वितरित किया जाता है। खासकर बच्चों के बीच स्वच्छता और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इनका उपयोग किया जा रहा है।
समायरा और आरणा ने इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए ओडिशा के विभिन्न होटल और हॉस्पिटैलिटी चेन से संपर्क किया है, ताकि उपयोग किए गए साबुनों को नियमित रूप से एकत्र किया जा सके। उनका कहना है कि बड़ी मात्रा में होटलों से निकलने वाले साबुन अक्सर बेकार चले जाते हैं, जिन्हें सही तरीके से रीसायकल करके समाज के लिए उपयोगी बनाया जा सकता है।
इस अनोखे विचार के पीछे की प्रेरणा साझा करते हुए समायरा ने बताया कि उन्हें यह आइडिया एक होटल में हाथ धोते समय आया, जब उन्होंने देखा कि इस्तेमाल के बाद साबुन का बड़ा हिस्सा बेकार चला जाता है। इसी विचार ने उन्हें इसे रिसाइक्लिंग प्रोजेक्ट में बदलने के लिए प्रेरित किया।
यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक कदम है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और स्वास्थ्य सुधार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के छोटे लेकिन प्रभावी स्टार्टअप समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
दोनों युवतियों का यह प्रयास यह भी दिखाता है कि सही सोच और नवाचार के जरिए कम उम्र में भी बड़ा सामाजिक प्रभाव पैदा किया जा सकता है।





