
भुवनेश्वर। ओडिशा में बुधवार देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे ने राज्य के खेल जगत को गहरा सदमा दिया है। कटक-भुवनेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग पर फुलनाखारा के पास हुए हादसे में दो होनहार युवा एथलीटों, मृत्युम जयराम डोंडापति और मलाया बारिक की मौत हो गई। दोनों खिलाड़ी भुवनेश्वर के प्रतिष्ठित कलिंगा स्टेडियम स्थित हाई परफॉर्मेंस सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे। इस दर्दनाक घटना के बाद खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों में शोक का माहौल है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दोनों खिलाड़ियों के असामयिक निधन पर दुख व्यक्त करते हुए इसे राज्य के खेल समुदाय के लिए बड़ी क्षति बताया है।
रात करीब 10:30 बजे हुआ दर्दनाक हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटना बुधवार, 21 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे कटक-भुवनेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग पर फुलनाखारा के समीप हुई। हादसे में दोनों युवा एथलीट गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद उन्हें तत्काल कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दोनों खिलाड़ियों को मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने उनके परिवारों के साथ-साथ खेल जगत को भी गहरे सदमे में डाल दिया है।
हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसके पीछे क्या कारण रहे, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। दुर्घटना के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
कलिंगा स्टेडियम में ले रहे थे विशेष प्रशिक्षण
मृत्युम जयराम डोंडापति और मलाया बारिक ओडिशा के उभरते हुए एथलीटों में शामिल थे। दोनों भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम स्थित हाई परफॉर्मेंस सेंटर में प्रशिक्षण हासिल कर रहे थे।
यह केंद्र खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं और प्रतिस्पर्धात्मक प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने के उद्देश्य से संचालित किया जाता है। यहां प्रशिक्षित खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार किया जाता है।
दोनों युवा खिलाड़ियों का खेल करियर आगे बढ़ रहा था, लेकिन सड़क हादसे ने उनके सपनों पर असमय विराम लगा दिया।
राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे थे दोनों खिलाड़ी
मृत्युम जयराम डोंडापति तेज रफ्तार दौड़ के लिए पहचाने जाते थे। वह 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ स्पर्धाओं में हिस्सा लेते थे। वहीं, मलाया बारिक 400 मीटर दौड़ के खिलाड़ी थे। दोनों ने विभिन्न एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में ओडिशा का प्रतिनिधित्व किया था।
डोंडापति ने हाल ही में 16 से 18 अक्टूबर 2026 तक जयपुर में आयोजित छठी इंडियन ओपन अंडर-23 एथलेटिक्स प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने पुरुषों की 200 मीटर दौड़ में रजत और 100 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता था। उनके इस प्रदर्शन ने खेल क्षेत्र में उनकी बढ़ती क्षमता को उजागर किया था।
मलाया बारिक भी राज्य की एथलेटिक्स टीम का हिस्सा रहे थे। उन्होंने 400 मीटर और रिले स्पर्धाओं में अपनी भागीदारी दर्ज कराई थी। दोनों खिलाड़ियों को ओडिशा की युवा एथलेटिक्स प्रतिभाओं में गिना जाता था।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जताया दुख
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दोनों एथलीटों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक संदेश साझा करते हुए खिलाड़ियों के असामयिक निधन को राज्य के खेल समुदाय के लिए बड़ी क्षति बताया।
मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि दो युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का इस तरह चले जाना अत्यंत दुखद है।
दोनों एथलीटों की मौत से उन परिवारों की उम्मीदों को बड़ा आघात पहुंचा है, जिन्होंने अपने बच्चों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया था।
ओडिशा के खेल जगत को बड़ा नुकसान
पिछले कुछ वर्षों में ओडिशा ने खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। भुवनेश्वर का कलिंगा स्टेडियम देश के प्रमुख खेल केंद्रों में शामिल है। यहां एथलेटिक्स सहित विभिन्न खेलों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
राज्य में युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए हाई परफॉर्मेंस सेंटर और विशेष खेल कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता दिलाना है।
ऐसे समय में दो उभरते खिलाड़ियों की असामयिक मौत ओडिशा की एथलेटिक्स बिरादरी के लिए दुखद घटना है। दोनों खिलाड़ी अपनी मेहनत और प्रदर्शन के जरिए खेल में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।
सड़क सुरक्षा को लेकर भी उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा के महत्व को सामने ला दिया है। विशेष रूप से रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाएं गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं।
हालांकि इस घटना में दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सड़क हादसों की रोकथाम के लिए यातायात नियमों का पालन, उचित रोशनी, गति नियंत्रण और समय पर आपातकालीन सहायता महत्वपूर्ण मानी जाती है।
दोनों एथलीटों की मृत्यु इस बात की दुखद याद दिलाती है कि सड़क पर एक हादसा कई परिवारों की जिंदगी बदल सकता है।
अधूरे रह गए दो होनहार खिलाड़ियों के सपने
मृत्युम जयराम डोंडापति और मलाया बारिक का जीवन खेल और कठिन परिश्रम से जुड़ा हुआ था। दोनों अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए नियमित प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे। राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के बाद भविष्य में और बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की संभावनाएं उनके सामने थीं।
लेकिन बुधवार रात हुए हादसे ने उनके उभरते खेल करियर को अचानक समाप्त कर दिया। दो युवा खिलाड़ियों का इस तरह दुनिया से चले जाना केवल उनके परिवारों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे खेल समुदाय के लिए एक अपूरणीय क्षति है।





