
कोरापुट : ओडिशा के कोरापुट जिले के कोटपाड ब्लॉक में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक के अंदर दम घुटने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है।
यह घटना चंडिली गांव में हुई, जहां सेप्टिक टैंक निर्माण का काम चल रहा था। बताया जा रहा है कि काम के दौरान कुछ मजदूर टैंक के अंदर गए थे, लेकिन बंद जगह में ऑक्सीजन की कमी के कारण वे बेहोश हो गए। जब तक उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक दो मजदूरों की मौत हो चुकी थी।
निर्माण कार्य के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, चंडिली गांव में निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में काम करने के लिए मजदूर अंदर उतरे थे। टैंक के अंदर जहरीली गैस बनने या ऑक्सीजन की कमी की आशंका जताई जा रही है। इसी दौरान मजदूरों की तबीयत बिगड़ गई और वे अंदर ही बेहोश हो गए।
मृतकों की पहचान हेमंत ठाकुर और हरन प्रत्याशा के रूप में हुई है। हादसे में एक अन्य मजदूर भी प्रभावित हुआ, जिसे गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
बचाव के लिए पहुंची टीम
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। बाद में बचाव कार्य किया गया और प्रभावित मजदूरों को बाहर निकाला गया।
घायल मजदूर को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। चिकित्सकों की टीम उसकी निगरानी कर रही है।
बंद जगहों में काम के दौरान सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर बंद जगहों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सेप्टिक टैंक, कुएं, सीवर और अन्य बंद स्थानों में काम करने के दौरान जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी का खतरा रहता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे स्थानों पर उतरने से पहले पर्याप्त सुरक्षा उपायों का पालन करना जरूरी होता है। मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना, गैस की जांच करना और निगरानी के लिए बाहर किसी व्यक्ति की मौजूदगी बेहद आवश्यक होती है।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसे में दो मजदूरों की मौत के बाद उनके परिवारों में मातम छा गया है। अचानक हुई इस घटना ने परिजनों को गहरा सदमा पहुंचाया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि मजदूर रोजी-रोटी के लिए जोखिम भरे काम करते हैं, लेकिन कई बार सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण ऐसे हादसे हो जाते हैं।
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की ओर से यह पता लगाया जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
जांच में यह भी देखा जाएगा कि सेप्टिक टैंक के अंदर काम करने वाले मजदूरों के लिए जरूरी सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध थी या नहीं।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे हादसे
देश के कई हिस्सों में समय-समय पर सेप्टिक टैंक और सीवर की सफाई या निर्माण कार्य के दौरान दम घुटने से मजदूरों की मौत के मामले सामने आते रहे हैं। इन घटनाओं के पीछे अक्सर सुरक्षा उपकरणों की कमी और सावधानियों की अनदेखी प्रमुख कारण बताए जाते हैं।
कोरापुट की यह घटना भी इसी तरह की लापरवाही और जोखिम भरे कार्यों की गंभीरता को उजागर करती है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं। वहीं, घायल मजदूर का इलाज जारी है। स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग की है।





