
बालेश्वर। ओडिशा के बालेश्वर जिले में रविवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। जलेश्वर ब्लॉक की नेतुआ पंचायत के अंतर्गत कपसुडा गांव में पड़ोसी मकान की दीवार गिरने से 65 वर्षीय महिला और उनके 18 वर्षीय पोते की मौत हो गई। हादसे में 18 वर्षीय एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। इसके अलावा परिवार के अन्य सदस्यों को भी चोटें आई हैं। अचानक हुए इस हादसे के बाद गांव में मातम पसर गया।
जानकारी के मुताबिक मृतकों की पहचान 65 वर्षीय राधिका और उनके 18 वर्षीय पोते ज्योति प्रकाश स्वैन के रूप में हुई है। गंभीर रूप से घायल युवती की पहचान स्मृतिरेखा स्वैन के रूप में हुई है। घटना के समय परिवार के कई सदस्य घर में मौजूद थे।
रात करीब 9:30 बजे हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि रविवार रात करीब 9:30 बजे यह घटना हुई। राधिका अपने पोते-पोतियों ज्योति प्रकाश स्वैन और स्मृतिरेखा स्वैन के साथ घर के बाहर सो रही थीं। इसी दौरान पड़ोस में स्थित एक घर की दीवार अचानक गिर गई। दीवार का मलबा राधिका के घर के एस्बेस्टस की छत वाले हिस्से पर जा गिरा।
दीवार और छत का हिस्सा गिरने से वहां मौजूद लोग मलबे की चपेट में आ गए। घटना इतनी अचानक हुई कि परिवार के सदस्यों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। तेज आवाज सुनकर आसपास रहने वाले लोग भी मौके पर पहुंचे।
मलबे में दब गए दादी और पोता
दीवार गिरने के बाद राधिका और ज्योति प्रकाश मलबे के नीचे दब गए। स्मृतिरेखा भी हादसे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। आसपास के लोगों ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की।
हादसे में राधिका और उनके पोते ज्योति प्रकाश की मौत हो गई। एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत की खबर से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। गंभीर रूप से घायल स्मृतिरेखा को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
घर के अंदर मौजूद थे परिवार के अन्य सदस्य
घटना के समय राधिका के 31 वर्षीय बेटे उत्तम, उनकी 25 वर्षीय पत्नी देबरानी और परिवार के दो छोटे बच्चे भी घर के अंदर मौजूद थे। इनमें पांच वर्षीय अनन्या और महज दो महीने की आराध्या शामिल हैं।
हादसे में उत्तम और दो महीने की नवजात बच्ची आराध्या को भी चोटें आईं। घर में छोटे बच्चों सहित परिवार के कई सदस्यों की मौजूदगी के कारण हादसा और भी गंभीर हो सकता था। दीवार गिरने के बाद घर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और परिवार के सदस्यों में अफरा-तफरी मच गई।
गंभीर रूप से घायल स्मृतिरेखा का इलाज
18 वर्षीय स्मृतिरेखा को हादसे में गंभीर चोटें आई हैं। मलबे से बाहर निकालने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। परिवार के अन्य घायल सदस्यों को भी आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
घटना की जानकारी फैलते ही कपसुडा गांव के लोग मौके पर एकत्र हो गए। स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव में मदद की। अचानक दीवार गिरने की घटना से ग्रामीणों में भी चिंता का माहौल है।
एक पल में मातम में बदला परिवार का माहौल
रविवार रात तक परिवार के सभी सदस्य सामान्य तरीके से घर में मौजूद थे, लेकिन कुछ ही क्षणों में दीवार गिरने से पूरा परिवार हादसे की चपेट में आ गया। राधिका और उनके पोते ज्योति प्रकाश की मौत ने परिवार को गहरा सदमा दिया है। वहीं परिवार की 18 वर्षीय बेटी के गंभीर रूप से घायल होने से परिजनों की चिंता और बढ़ गई है।
हादसे के बाद क्षतिग्रस्त घर और आसपास के क्षेत्र में मलबा फैल गया। ग्रामीणों के लिए भी यह घटना बेहद दुखद रही। एक ही परिवार की दो पीढ़ियों के दो सदस्यों की मौत से गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
कमजोर दीवारें बन सकती हैं खतरा
बारिश के मौसम में पुराने और कमजोर मकानों तथा दीवारों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। लगातार नमी के संपर्क में रहने के कारण कच्ची या कमजोर दीवारों की मजबूती कम हो सकती है। ऐसे में पुराने मकानों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
खासकर भारी बारिश के दौरान जर्जर दीवारों और कमजोर संरचनाओं के आसपास सोने या ज्यादा समय बिताने से बचना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में कई मकान पुराने निर्माण वाले होते हैं, जहां बारिश के दौरान दीवार गिरने जैसी घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है।
गांव में पसरा मातम
कपसुडा गांव में हुए इस हादसे ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। रविवार रात हुई घटना में दादी और पोते की जान चली गई, जबकि परिवार के कई सदस्य घायल हुए हैं। सबसे अधिक चिंता गंभीर रूप से घायल स्मृतिरेखा को लेकर बनी हुई है।
हादसे में परिवार की बुजुर्ग सदस्य राधिका और 18 वर्षीय ज्योति प्रकाश स्वैन की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं उत्तम और दो महीने की आराध्या के घायल होने के कारण परिवार एक साथ कई मुश्किलों का सामना कर रहा है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर हादसे से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है।





