
Odisha ओडिशा: पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक दिलीप मंडल को ओडिशा के पुरी से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, वह कई हफ्तों से धमकी और डराने-धमकाने से जुड़े एक मामले में फरार चल रहे थे।
जानकारी के मुताबिक, राजनीतिक विरोधियों को कथित तौर पर धमकाने के आरोप सामने आने के बाद से दिलीप मंडल गिरफ्तारी से बच रहे थे। जांच एजेंसियों ने उनकी लगातार तलाश जारी रखी थी। इससे पहले 14 मई को पुलिस ने पायलन क्षेत्र में विधायक से जुड़ी दो संपत्तियों पर छापेमारी भी की थी, जहां से कुछ अहम जानकारियां जुटाई गई थीं।
यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब कुछ ही दिनों पहले उनके बेटे अर्घ्य मंडल समेत पांच अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था। 18 मई को दक्षिण 24 परगना जिले के बक्खाली-फ्रेजरगंज इलाके से इन लोगों को कथित रूप से अवैध हथियार रखने के आरोप में पकड़ा गया था।
पुलिस का कहना है कि अर्घ्य मंडल पर इलाके में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को धमकाने के आरोप भी हैं। इन घटनाओं के बाद मामला और गंभीर हो गया था, जिसके चलते जांच और तेज कर दी गई।
जांच अधिकारियों ने पहले ही दिलीप मंडल को फरार घोषित कर दिया था और उनके खिलाफ लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। पुलिस का दावा है कि कई शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई, जिनमें राजनीतिक विरोधियों को डराने और धमकाने के आरोप शामिल हैं।
गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच अब और तेज कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।
फिलहाल, दिलीप मंडल से पूछताछ की तैयारी की जा रही है और उन्हें जल्द ही अदालत में पेश किए जाने की संभावना है। मामले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।





