ओडिशा

ओडिशा में चक्रवाती तूफान का खतरा, 5 जिलों में रेड अलर्ट जारी

Ratna Netam
25 Oct 2026 6:18 PM IST
ओडिशा में चक्रवाती तूफान का खतरा, 5 जिलों में रेड अलर्ट जारी
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भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान को लेकर ओडिशा में सतर्कता बढ़ा दी गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका के बीच राज्य के दक्षिणी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, समुद्र में सक्रिय मौसम प्रणाली 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान और इसके बाद गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकती है। इसके 28 अक्टूबर के आसपास आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका जताई गई है।प्रशासन ने संभावित खतरे को देखते हुए राहत और बचाव तैयारियां तेज कर दी हैं। तटीय और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा, समय पर निकासी और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, तूफान के सटीक मार्ग और तट से टकराने के समय को लेकर मौसम विभाग लगातार निगरानी कर रहा है।
किन जिलों में रेड अलर्ट, कहां होगी भारी बारिश?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, ओडिशा के गंजाम, गजपति, कोरापुट, रायगढ़ा और मलकानगिरी जिलों में 27 अक्टूबर से भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा है। इन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के दूसरे हिस्सों में भी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।IMD के अनुसार, 27 से 29 अक्टूबर के बीच ओडिशा में मौसम खराब रहने की आशंका है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है। तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और निचले इलाकों में जलभराव जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
140 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली के 25 अक्टूबर को गहरे दबाव और 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान में बदलने का अनुमान है। इसके बाद तूफान के और शक्तिशाली होने की संभावना जताई गई है।मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, यह प्रणाली 28 अक्टूबर की सुबह तक आंध्र प्रदेश के बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट पार कर सकती है। उस समय तूफान के बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप लेने और 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। हवा के झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।हालांकि, तूफान की दिशा और तीव्रता में बदलाव संभव है। इसलिए प्रशासन और आम लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
सरकार ने तेज की राहत और बचाव की तैयारी
संभावित चक्रवात को देखते हुए ओडिशा सरकार ने आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय कर दिया है। अधिकारियों को मुख्यालय में रहने और जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द करने के साथ संवेदनशील जिलों में आपातकालीन व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है।रिपोर्टों के अनुसार, राज्य में ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और अग्निशमन सेवा की टीमों को तैयार रखा गया है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत शिविरों की व्यवस्था करने की योजना बनाई गई है।
मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह
समुद्र में मौसम खराब होने और ऊंची लहरें उठने की आशंका के कारण मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है। समुद्र में मौजूद मछुआरों को सुरक्षित तट पर लौटने के निर्देश भी दिए गए हैं।प्रशासन ने लोगों से कमजोर इमारतों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। निचले और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।फिलहाल, बंगाल की खाड़ी में बन रही मौसम प्रणाली पर लगातार नजर रखी जा रही है। 27 से 29 अक्टूबर के बीच ओडिशा में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है। प्रशासन का जोर समय रहते तैयारी पूरी करने और संभावित नुकसान को कम करने पर है।
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