
ओडिशा : विजिलेंस ने सोमवार को सुंदरगढ़ क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) के एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोपी पर आरोप है कि उसने एक ट्रक मालिक से परिवहन कार्य में किसी तरह की सरकारी बाधा न आने देने के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। विजिलेंस की टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुंदरगढ़ RTO कार्यालय में तैनात ट्रैफिक इंस्पेक्टर (OMVD) मुकेश कुमार मिश्रा के रूप में हुई है। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, मिश्रा पर आरोप है कि उसने दो HYVA ट्रकों के मालिक से जून और जुलाई 2026 के लिए ‘मंथली कोटा’ के रूप में 20 हजार रुपये की मांग की थी।
आरोप है कि यह रकम इसलिए मांगी गई थी ताकि ट्रक मालिक के वाहन आरोपी अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में बिना किसी सरकारी कार्रवाई या रुकावट के संचालित हो सकें। शिकायत मिलने के बाद ओडिशा विजिलेंस ने मामले की जांच शुरू की और सत्यापन के बाद कार्रवाई की योजना बनाई।
विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि ट्रैफिक इंस्पेक्टर लगातार पैसे की मांग कर रहा था। इसके बाद विजिलेंस टीम ने शिकायत की पुष्टि की और रिश्वत लेते समय आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
सोमवार को तय योजना के अनुसार विजिलेंस टीम ने कार्रवाई की और ट्रैफिक इंस्पेक्टर को कथित तौर पर रिश्वत की रकम लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।
विजिलेंस विभाग ने बताया कि भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि सरकारी पद पर रहते हुए रिश्वत लेना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या आरोपी अधिकारी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा है या नहीं। इसके अलावा, रिश्वत की मांग और भुगतान से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को लेकर विजिलेंस विभाग समय-समय पर कार्रवाई करता रहा है। वाहनों के संचालन, परमिट, जांच और अन्य परिवहन संबंधी कार्यों में रिश्वत की शिकायतों पर विभाग नजर रखता है।
अधिकारियों का कहना है कि सरकारी विभागों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है तो इसकी शिकायत संबंधित एजेंसियों से करें।
इस मामले में आरोपी ट्रैफिक इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी के बाद RTO कार्यालय में भी चर्चा का माहौल है। विजिलेंस की कार्रवाई से अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सतर्क रहने का संदेश मिला है।
विजिलेंस टीम अब आरोपी के संपर्कों, वित्तीय लेनदेन और उसकी कार्यप्रणाली की जांच कर रही है। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कथित रिश्वत की मांग किसी एक वाहन मालिक तक सीमित थी या अन्य परिवहन संचालकों से भी इस तरह की मांग की गई थी।
ओडिशा विजिलेंस अधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में शिकायतकर्ताओं की सूचना के आधार पर कार्रवाई की जाती है और जांच के दौरान सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे की जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी।
सरकारी विभागों में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस तरह की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विजिलेंस विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उसकी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।





