
पारादीप : बंगाल की खाड़ी में पनामा के झंडे वाले बल्क कैरियर MV ओशन विनर के डूबने की घटना का रहस्य लगातार गहराता जा रहा है। पारादीप तट से करीब 290 नॉटिकल मील दूर हुए इस हादसे में बचाए गए दो चीनी क्रू सदस्यों ने जहाज के डूबने से पहले के भयावह हालात के बारे में जानकारी दी है।
बचाए गए दोनों क्रू सदस्य पैन टोंगलाई और चेन जियानह ने बताया कि जहाज कुछ ही मिनटों के अंदर समुद्र में समा गया। दोनों को भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) के जहाज ‘वरद’ ने सुरक्षित बचाया और गुरुवार को पारादीप लाया गया।
तटरक्षक बल ने किया रेस्क्यू
घटना के बाद भारतीय तटरक्षक बल ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया। समुद्र में फंसे क्रू सदस्यों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें दो चीनी नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया।
पारादीप पहुंचने के बाद दोनों क्रू सदस्यों से घटना को लेकर पूछताछ की गई। उन्होंने अनुवादक की मदद से मर्केंटाइल मरीन डिपार्टमेंट, इंडियन कोस्ट गार्ड, पारादीप पोर्ट अथॉरिटी, इमिग्रेशन अधिकारियों और शिपिंग एजेंसी के अधिकारियों को हादसे की जानकारी दी।
कप्तान ने बजाया था आपातकालीन अलार्म
बचे हुए क्रू सदस्यों के अनुसार, 22 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे जहाज के कप्तान ने आपातकालीन अलार्म बजाया था। कप्तान ने 24 सदस्यों वाले पूरे क्रू को बताया कि जहाज गंभीर संकट में है और स्थिति लगातार खराब हो रही है।
इसके बाद सभी क्रू सदस्यों को ऊपरी डेक पर पहुंचने और जहाज छोड़ने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया। बताया गया कि जहाज तेजी से पानी में डूबने लगा था और हालात को देखते हुए तुरंत कदम उठाना जरूरी हो गया था।
कुछ ही मिनटों में समुद्र में समाया जहाज
क्रू सदस्यों ने बताया कि जहाज को बचाने के लिए ज्यादा समय नहीं मिल पाया। संकट की जानकारी मिलने के बाद स्थिति इतनी तेजी से बदली कि कुछ ही मिनटों में MV ओशन विनर समुद्र में डूब गया।
इस दौरान क्रू सदस्यों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सभी ने अपनी जान बचाने के लिए आपातकालीन प्रक्रिया का पालन किया।
हादसे की वजह अब भी जांच के दायरे में
MV ओशन विनर के डूबने की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। समुद्री अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि जहाज तकनीकी खराबी, मौसम की स्थिति या किसी अन्य कारण से हादसे का शिकार हुआ।
समुद्री दुर्घटनाओं में जहाज की तकनीकी स्थिति, मौसम, समुद्री परिस्थितियों और संचालन से जुड़े कई पहलुओं की जांच की जाती है।
24 सदस्यीय क्रू में से दो को बचाया गया
जानकारी के अनुसार, MV ओशन विनर पर कुल 24 क्रू सदस्य मौजूद थे। हादसे के बाद केवल दो सदस्यों को सुरक्षित बचाया जा सका है। बाकी क्रू सदस्यों की तलाश और हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
भारतीय एजेंसियां समुद्री क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं और घटना से जुड़े सभी तथ्यों को जुटाने का प्रयास कर रही हैं।
पारादीप में अधिकारियों ने की पूछताछ
पारादीप पहुंचने के बाद दोनों बचे हुए क्रू सदस्यों से अलग-अलग एजेंसियों ने जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने उनसे जहाज की स्थिति, कप्तान के निर्देश, आपातकालीन प्रक्रिया और डूबने से पहले के घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली।
जांच एजेंसियां अब इन बयानों के आधार पर हादसे की पूरी कड़ी को जोड़ने का प्रयास कर रही हैं।
समुद्री सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर समुद्री सुरक्षा व्यवस्था और जहाजों के रखरखाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े मालवाहक जहाजों के संचालन में तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी होता है।
फिलहाल MV ओशन विनर हादसे की जांच जारी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद जहाज के डूबने की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।





