
Odisha ओडिशा: राजस्थान के सीकर जिले में 10 जुलाई को प्रस्तावित रथ यात्रा को जिला प्रशासन ने रोक दिया है। यह फैसला पुरी जिला प्रशासन की आपत्ति के बाद लिया गया, जिसमें कहा गया था कि प्रस्तावित आयोजन पारंपरिक हिंदू पंचांग और निर्धारित धार्मिक परंपराओं के अनुसार नहीं हो रहा है।
सीकर जिला प्रशासन ने पुरी प्रशासन से मिले पत्र के आधार पर कार्रवाई करते हुए रथ यात्रा को स्थगित करने के निर्देश जारी किए। यह यात्रा बिस्वा सनातन धर्म सेवा संस्थान और श्री खाटू श्याम मंडल की ओर से आयोजित की जानी थी।
पुरी प्रशासन ने जताई थी आपत्ति
जानकारी के अनुसार, पुरी जिला प्रशासन ने सीकर प्रशासन को पत्र भेजकर प्रस्तावित रथ यात्रा की तारीख पर सवाल उठाए थे। पुरी प्रशासन का कहना था कि रथ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजन का समय पारंपरिक हिंदू कैलेंडर यानी पंचांग के अनुसार तय होता है और प्रस्तावित तारीख धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप नहीं है।
पुरी प्रशासन ने राजस्थान प्रशासन से अनुरोध किया था कि इस बात को सुनिश्चित किया जाए कि रथ यात्रा निर्धारित धार्मिक तिथि और परंपरा के अनुसार ही आयोजित हो।
जिला मजिस्ट्रेट ने पुलिस को दिए निर्देश
पुरी प्रशासन के पत्र के बाद सीकर जिला मजिस्ट्रेट आशीष मोदी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसके बाद स्थानीय प्रशासन सक्रिय हुआ और संबंधित अधिकारियों ने आयोजकों से बातचीत की। तहसीलदार ने भी आयोजकों से अपील की कि वे तय तारीख पर रथ यात्रा का आयोजन न करें।
आयोजकों से की गई थी अपील
पुरी प्रशासन की ओर से पहले भी आयोजकों से अनुरोध किया गया था कि रथ यात्रा का आयोजन धार्मिक परंपराओं के अनुसार निर्धारित तिथि पर ही किया जाए।
प्रशासन का कहना है कि धार्मिक आयोजनों से जुड़ी परंपराओं और मान्यताओं का सम्मान किया जाना जरूरी है, इसलिए यह कदम उठाया गया है।
धार्मिक आयोजन और प्रशासनिक समन्वय
रथ यात्रा भारत के कई हिस्सों में बड़े धार्मिक उत्सव के रूप में मनाई जाती है। विशेष रूप से ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा विश्व प्रसिद्ध है और इसकी तिथियां पंचांग के अनुसार तय की जाती हैं।
इसी परंपरा को ध्यान में रखते हुए पुरी प्रशासन ने दूसरे स्थानों पर आयोजित होने वाली रथ यात्राओं को लेकर भी सावधानी बरतने की बात कही।
सीकर प्रशासन ने शांति व्यवस्था को भी ध्यान में रखा
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, किसी भी धार्मिक आयोजन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना और लोगों की भावनाओं का सम्मान करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इसी उद्देश्य से सीकर प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई की और पुलिस विभाग को निर्देश दिए।
आगे की स्थिति पर नजर
फिलहाल सीकर में प्रस्तावित रथ यात्रा को रोक दिया गया है। आयोजकों की ओर से इस मामले में आगे कोई नया निर्णय लिया जाता है या नहीं, इस पर नजर बनी हुई है।
प्रशासन का कहना है कि धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन परंपराओं और निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाना चाहिए। वहीं, पुरी प्रशासन की आपत्ति के बाद उठाए गए इस कदम को धार्मिक परंपराओं के पालन से जोड़कर देखा जा रहा है।





