ओडिशा

ओडिशा सरकार ने CMO से गायब जांच रिपोर्टों के मामले में FIR दर्ज कराई

Kavita2
11 Jun 2026 9:53 AM IST
ओडिशा सरकार ने CMO से गायब जांच रिपोर्टों के मामले में FIR दर्ज कराई
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Odisha ओडिशा: ओडिशा सरकार ने मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से दो महत्वपूर्ण जांच आयोगों की रिपोर्ट कथित तौर पर गायब होने के मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत गृह विभाग के संयुक्त सचिव शरत चंद्र मारंडी ने शहर की कैपिटल पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई।

FIR के अनुसार, गायब रिपोर्टों का संबंध कंधमाल जिले में स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या और राजधानी के सुम अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में आग लगने की घटना से जुड़ी जांच से है। जस्टिस एएस नायडू आयोग ने 2016 में लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या की घटना पर अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जबकि राजस्व संभागीय आयुक्त (RDC) ने 2018 में सुम अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में आग लगने की घटना की जांच रिपोर्ट तैयार की थी।

FIR में दावा किया गया है कि गृह विभाग ने इन दो जांच रिपोर्टों के अलावा कुछ अन्य महत्वपूर्ण फाइलें भी CMO को भेजी थीं। हालांकि, विधानसभा चुनावों में सत्ताधारी पार्टी की हार के बाद, 4 जून 2024 को CMO ने अन्य फाइलें गृह विभाग को वापस लौटा दीं। FIR में आरोप है कि इस दौरान CMO ने दोनों जांच आयोग की रिपोर्टों को लौटाने से इनकार किया या उनका पता नहीं लगाया गया।

गृह विभाग के अधिकारी ने बताया कि जांच रिपोर्टों की अनुपस्थिति गंभीर मामला है, क्योंकि इन रिपोर्टों में संवेदनशील और महत्वपूर्ण जानकारी शामिल है। रिपोर्टों की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करना राज्य प्रशासन की जिम्मेदारी है। अधिकारियों ने कहा कि FIR दर्ज कराना इस प्रक्रिया का हिस्सा है और पुलिस को रिपोर्टों के गायब होने के कारणों की जांच के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले प्रशासनिक जवाबदेही और सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा के महत्व को उजागर करते हैं। आयोग की रिपोर्टों में संवेदनशील तथ्यों और अपराध संबंधित जानकारियों के संरक्षण के लिए विशेष सावधानी बरतनी जरूरी है।

राज्य में राजनीतिक गलियारों में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। विपक्ष और समाजिक संगठनों ने इसे गंभीर माना है और कहा है कि जांच रिपोर्टों के गायब होने से न्यायिक और प्रशासनिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि पुलिस जल्द ही रिपोर्टों की खोज और गायब होने के पीछे के कारणों की जांच करेगी। इसके अलावा, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में इस तरह के महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित और सही जगह पर संरक्षित रहें।

इस मामले से एक बार फिर यह सवाल उठता है कि सरकार और प्रशासनिक कार्यालयों में दस्तावेजों की सुरक्षा और निगरानी में सुधार की आवश्यकता है। आयोग की रिपोर्टें केवल कानूनी दस्तावेज नहीं हैं, बल्कि राज्य और समाज के लिए महत्वपूर्ण घटनाओं की सत्यता और निष्पक्षता को प्रमाणित करने वाली रिपोर्टें होती हैं।

FIR के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। इस दौरान CMO और गृह विभाग के कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा सकती है। अधिकारी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी।

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