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ओडिशा बंद के दौरान कई जगह तनाव, प्रदर्शनकारियों ने रोके वाहन

Kavita2
8 Oct 2026 4:09 PM IST
ओडिशा बंद के दौरान कई जगह तनाव, प्रदर्शनकारियों ने रोके वाहन
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भुवनेश्वर। ओडिशा में गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को INDIA गठबंधन की ओर से बुलाए गए 12 घंटे के राज्यव्यापी बंद के दौरान कई स्थानों पर तनाव और जबरन वाहन रोकने की घटनाएं सामने आईं। बंद से पहले गठबंधन के नेताओं ने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से विरोध प्रदर्शन करने की अपील की थी। हालांकि, राजधानी भुवनेश्वर सहित कई शहरों में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर वाहनों की आवाजाही रोक दी। भुवनेश्वर के मास्टर कैंटीन और स्टेशन स्क्वायर क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा वाहनों को रोके जाने की जानकारी सामने आई है। इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश कुमार रौतराय उर्फ सुरा रौतराय भी प्रदर्शन में शामिल रहे। एक वाहन पर बांस की लाठी से प्रहार किए जाने का आरोप भी सामने आया है। बंद के कारण सार्वजनिक परिवहन, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और आम लोगों की आवाजाही पर व्यापक असर पड़ा।

शांतिपूर्ण बंद की अपील के बावजूद कई जगह तनाव

INDIA गठबंधन ने ओडिशा बंद से पहले अपने कार्यकर्ताओं को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने के निर्देश दिए थे।

आयोजकों ने कहा था कि बंद के दौरान आम नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए और आवश्यक सेवाओं को प्रभावित करने से बचना चाहिए।

इसके बावजूद गुरुवार सुबह से प्रदेश के कई हिस्सों में प्रदर्शनकारियों द्वारा सड़कें जाम करने और वाहनों को रोकने की घटनाएं सामने आने लगीं।

राजधानी भुवनेश्वर में भी कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और आम नागरिकों के बीच तनाव की स्थिति बनी।

कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानियों का सामना करना पड़ा।

मास्टर कैंटीन स्क्वायर पर रोका गया ट्रक

भुवनेश्वर के मास्टर कैंटीन स्क्वायर पर बंद समर्थकों ने वाहनों को रोककर विरोध प्रदर्शन किया।

सामने आई जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने एक ट्रक को रोका और चालक पर वाहन वापस ले जाने का दबाव बनाया।

इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश कुमार रौतराय भी मौके पर मौजूद थे।

उनके द्वारा बांस की लाठी से एक वाहन पर प्रहार किए जाने का आरोप सामने आया है। हालांकि, इस विशिष्ट घटना में वाहन को कितना नुकसान हुआ या पुलिस ने कोई मामला दर्ज किया, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

स्थानीय रिपोर्टों में रौतराय के स्टेशन स्क्वायर में प्रदर्शन और वाहनों को रोके जाने की पुष्टि हुई है।

सुरा रौतराय भी प्रदर्शन में हुए शामिल

ओडिशा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश कुमार रौतराय को प्रदेश की राजनीति में सुरा रौतराय के नाम से भी जाना जाता है।

गुरुवार को वह भुवनेश्वर में बंद के समर्थन में सड़क पर उतरे।

रिपोर्टों के अनुसार, रौतराय स्टेशन स्क्वायर के पास अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए।

इस दौरान बंद समर्थकों ने वाहनों की आवाजाही रोकने का प्रयास किया।

कई स्थानों पर प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए सड़कों पर बैठे दिखाई दिए।

कुछ स्थानों पर सड़क जाम करने के लिए टायर भी जलाए गए।

महिलाओं और अन्य यात्रियों को भी रोका गया

भुवनेश्वर में बंद के दौरान आम नागरिकों की आवाजाही प्रभावित हुई।

स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, स्टेशन स्क्वायर के आसपास प्रदर्शनकारियों ने अपने निजी वाहनों से जा रहे लोगों को भी रोक दिया।

इनमें महिला यात्री भी शामिल थीं।

कुछ स्थानों पर लोगों को आगे बढ़ने के बजाय वापस लौटने के लिए कहा गया।

इससे जरूरी काम से बाहर निकले नागरिकों को परेशानी हुई।

मौके पर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद कुछ स्थानों पर वाहन रोके जाने की घटनाएं जारी रहीं।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी लगाया गया जाम

राजधानी भुवनेश्वर के अलावा राज्य के अन्य हिस्सों में भी सड़क जाम की घटनाएं सामने आईं।

प्रदर्शनकारियों ने भुवनेश्वर में सत्संग विहार के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-16 को बाधित किया।

जयदेव विहार से नंदनकानन जाने वाले मार्ग पर भी वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।

इसके अतिरिक्त कटक, भद्रक, बालासोर, संबलपुर और अन्य जिलों में भी प्रदर्शनकारियों ने महत्वपूर्ण सड़कों पर धरना दिया।

कुछ स्थानों पर ट्रकों, बसों, टैक्सियों और ऑटो रिक्शा को रोक दिया गया।

इन घटनाओं के कारण परिवहन सेवाएं प्रभावित हुईं और यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।

बस और ऑटो सेवाएं प्रभावित

ओडिशा बंद का सबसे अधिक असर सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर देखने को मिला।

राजधानी भुवनेश्वर सहित कई शहरों में बसों और ऑटो रिक्शा का संचालन प्रभावित हुआ।

रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डे पर पहुंचने वाले यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए वाहन मिलने में कठिनाई हुई।

कुछ यात्रियों को लंबे समय तक परिवहन सुविधा का इंतजार करना पड़ा।

अस्पताल जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करने की जानकारी सामने आई।

बंद के कारण दैनिक कामकाज के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं।

दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान रहे बंद

राज्यव्यापी बंद के दौरान कई बाजारों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में कामकाज प्रभावित हुआ।

भुवनेश्वर और दूसरे शहरों में अनेक दुकानें बंद रहीं।

कई स्थानों पर पेट्रोल पंप और शिक्षण संस्थानों के संचालन पर भी असर पड़ा।

व्यापारिक गतिविधियों में आई रुकावट के कारण आम नागरिकों और कारोबारियों को असुविधा हुई।

हालांकि, बंद के कारण राज्यभर में कुल कितनी आर्थिक क्षति हुई, इसका कोई प्रमाणित आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक बंद

INDIA गठबंधन ने गुरुवार को सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक 12 घंटे के ओडिशा बंद का आह्वान किया था।

इसमें कांग्रेस के साथ वामपंथी दलों और गठबंधन से जुड़े अन्य राजनीतिक संगठनों ने भाग लिया।

बंद का उद्देश्य राज्य सरकार और केंद्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विरोध दर्ज कराना था।

प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर पार्टी के झंडे और बैनर लेकर नारेबाजी की।

आयोजकों ने अपनी मांगों को लेकर राज्यभर में आंदोलन करने की घोषणा की थी।

खनन कानून वापस लेने की मांग

ओडिशा बंद की प्रमुख मांगों में खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 को वापस लेना शामिल है।

विपक्षी दलों का आरोप है कि इस संशोधन से राज्य के खनिज संसाधनों से जुड़े हित प्रभावित होंगे।

कांग्रेस और सहयोगी दलों ने केंद्र सरकार से कानून पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

विपक्ष का कहना है कि खनिज संपदा से संबंधित निर्णयों में राज्य के हितों की रक्षा होनी चाहिए।

हालांकि, संशोधित कानून के प्रभाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की भी मांग

बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई।

यह मांग मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़ी है।

विपक्षी दलों का आरोप है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।

कांग्रेस और अन्य विपक्षी संगठन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विरोध कर रहे हैं।

हालांकि, ये राजनीतिक आरोप हैं और किसी विशिष्ट अनियमितता की पुष्टि संबंधित साक्ष्यों और आधिकारिक जांच के आधार पर ही की जा सकती है।

शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग

INDIA गठबंधन ने ओडिशा के विद्यालय एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की भी मांग की है।

विपक्ष का आरोप है कि राज्य की स्कूली पाठ्यपुस्तकों में गंभीर त्रुटियां सामने आई हैं।

इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल राज्य सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने पाठ्यपुस्तकों में कथित गलतियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

इसके अलावा बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत और मुआवजा देने का मुद्दा भी बंद की मांगों में शामिल रहा।

प्रशासन ने पहले ही दिए थे सतर्कता के निर्देश

राज्य सरकार ने बंद से एक दिन पहले ही सभी जिलाधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए थे।

गृह विभाग ने आशंका जताई थी कि बंद के दौरान सड़कों पर जाम, रैलियां और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को जबरन बंद कराने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।

जिलाधिकारियों को आवश्यक एहतियाती कदम उठाने और किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्क रहने को कहा गया था।

इसके बावजूद गुरुवार को कई स्थानों पर लोगों को आवाजाही में बाधाओं का सामना करना पड़ा।

शांतिपूर्ण विरोध और जबरन बंद कराने पर उठे सवाल

ओडिशा बंद के दौरान सामने आई घटनाओं ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और आम नागरिकों के अधिकारों को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार है।

वहीं आम नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है।

प्रदर्शन के नाम पर किसी वाहन चालक को धमकाने, जबरन वापस भेजने या वाहन को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियों को शांतिपूर्ण आंदोलन का हिस्सा नहीं माना जा सकता।

हालांकि, जिन घटनाओं में हिंसा या नुकसान के आरोप लगे हैं, उनमें जिम्मेदारी तय करने के लिए पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्य आवश्यक होंगे।

बंद से कई शहरों में जनजीवन प्रभावित

भुवनेश्वर के अलावा कटक, भद्रक, बालासोर और संबलपुर सहित कई शहरों में बंद का असर दिखाई दिया।

सड़कों पर प्रदर्शन, वाहनों की आवाजाही में रुकावट और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बंद रहने से जनजीवन प्रभावित हुआ।

INDIA गठबंधन ने अपनी मांगों को लेकर राज्यव्यापी बंद का आयोजन किया था, लेकिन कुछ स्थानों पर जबरन वाहन रोकने की घटनाओं ने विवाद बढ़ा दिया।

भुवनेश्वर के मास्टर कैंटीन और स्टेशन स्क्वायर क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों द्वारा वाहन रोके जाने तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरा रौतराय की मौजूदगी की जानकारी सामने आई है। फिलहाल वाहन पर लाठी मारने के विशिष्ट आरोप और उससे संबंधित संभावित पुलिस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

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