ओडिशा

तालचेर मेडिकल कॉलेज में फर्जी सर्टिफिकेट से नौकरी का आरोप, MCL को जांच के निर्देश

Kavita2
6 Jun 2026 4:14 PM IST
तालचेर मेडिकल कॉलेज में फर्जी सर्टिफिकेट से नौकरी का आरोप, MCL को जांच के निर्देश
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Odisha ओडिशा: मीडिया रिपोर्ट्स में यह गंभीर आरोप सामने आया है कि अंगुल जिले के पवित्र मोहन प्रधान मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMP MCH), तालचेर में कुछ स्टाफ नर्सों ने नकली सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी हासिल की है। मामले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने इस पर तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है और जांच के आदेश दिए गए हैं।

अंगुल जिला प्रशासन ने महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL) से पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने को कहा है। इस संबंध में अंगुल जिला कलेक्टर अब्दाल एम. अख्तर ने MCL के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर को एक पत्र लिखा है, जिसमें इस पूरे विवाद का उल्लेख किया गया है।

कलेक्टर ने अपने पत्र में ‘संबाद’ डेली में प्रकाशित एक रिपोर्ट का हवाला दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि PMP MCH में कार्यरत कुछ नर्सों ने नौकरी पाने के लिए कथित तौर पर फर्जी शैक्षणिक और पेशेवर प्रमाण पत्र जमा किए थे। रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है।

जानकारी के अनुसार, इन नर्सों की नियुक्ति एक आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से की गई थी, जिसे PMP MCH द्वारा अधिकृत किया गया था। शुरुआत में इन कर्मचारियों को PMPGH, तालचेर में तैनात किया गया था, जिसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में स्थानांतरित कर दिया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है। बिना योग्य और सत्यापित स्टाफ की नियुक्ति अस्पताल प्रणाली की गुणवत्ता पर सीधा प्रभाव डाल सकती है।

कलेक्टर अब्दाल एम. अख्तर ने MCL को निर्देश दिया है कि वह तुरंत इस मामले की जांच शुरू करे और संबंधित स्टाफ के सभी शैक्षणिक और पेशेवर दस्तावेजों का दोबारा सत्यापन करे। इसके साथ ही आउटसोर्सिंग एजेंसी की भूमिका की भी जांच करने को कहा गया है।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित आउटसोर्सिंग एजेंसी के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए।

फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन ने इसे गंभीर प्रशासनिक अनियमितता के रूप में देखते हुए तेजी से रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अस्पताल में कार्यरत अन्य कर्मचारियों के दस्तावेजों की भी जांच किए जाने की संभावना जताई जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी गड़बड़ी को रोका जा सके।

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