
कंधमाल। ओडिशा के कंधमाल जिले में संतान प्राप्ति की उम्मीद में कथित तौर पर पारंपरिक वैद्य से हर्बल दवा लेने वाले एक दंपती की मौत का मामला सामने आया है। घटना गोछापाड़ा थाना क्षेत्र के नेडीपांगा गांव की बताई जा रही है। मृतकों की पहचान काटरिंगिया पंचायत के नेडीपांगा निवासी कानू ईश्वर कन्हार और उनकी पत्नी ललिता कन्हार के रूप में हुई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दंपती की शादी को कई साल हो चुके थे, लेकिन उन्हें संतान नहीं हुई थी। परिवार शुरू करने की इच्छा में दोनों ने चिकित्सकीय सलाह भी ली थी। बाद में कथित तौर पर उन्होंने एक पारंपरिक वैद्य से संपर्क किया और उनके द्वारा दी गई हर्बल दवा का सेवन किया। इसके बाद दोनों की तबीयत बिगड़ने और मौत होने की बात सामने आई है।
संतान की चाह में कई जगह ली सलाह
बताया जा रहा है कि कानू ईश्वर कन्हार और ललिता कन्हार लंबे समय से संतान की उम्मीद कर रहे थे। शादी के कई वर्ष बीत जाने के बावजूद जब उन्हें बच्चा नहीं हुआ तो उन्होंने परिवार शुरू करने के लिए विभिन्न स्तरों पर सलाह लेने की कोशिश की।
रिपोर्ट के मुताबिक, दंपती ने डॉक्टरों से भी परामर्श लिया था। हालांकि, बाद में उन्होंने कथित तौर पर पारंपरिक चिकित्सा पद्धति अपनाने का फैसला किया और एक वैद्य से हर्बल दवा ली।
परिजनों के अनुसार, दवा लेने के बाद दोनों की हालत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना के बाद गांव में शोक
दंपती की मौत की खबर फैलते ही नेडीपांगा गांव में शोक का माहौल है। परिवार और परिचितों के लिए यह घटना बेहद दुखद बताई जा रही है। लंबे समय से संतान की उम्मीद लगाए दंपती की अचानक मौत ने ग्रामीणों को भी स्तब्ध कर दिया है।
घटना की सूचना मिलने के बाद गोछापाड़ा थाना पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया और जांच शुरू की। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दंपती ने कौन-सी हर्बल दवा ली थी और उसे किस व्यक्ति ने उपलब्ध कराया था।
दवा की जांच से खुलेगा मौत का राज
मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल दंपती की मौत के वास्तविक कारण को लेकर है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी मौत सीधे तौर पर कथित हर्बल दवा के सेवन से हुई या इसके पीछे कोई अन्य चिकित्सकीय कारण था।
मौत की सही वजह जानने के लिए चिकित्सकीय जांच और आवश्यक होने पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। पुलिस दवा के नमूने और अन्य संबंधित सामग्री की भी जांच कर सकती है। इसके आधार पर यह पता चल सकेगा कि दंपती को दी गई दवा में कोई हानिकारक या जहरीला पदार्थ मौजूद था या नहीं।
पारंपरिक उपचार को लेकर सावधानी जरूरी
यह घटना संतान संबंधी समस्याओं के उपचार के नाम पर बिना चिकित्सकीय जांच के दवाओं का सेवन करने के जोखिम को भी सामने लाती है। बांझपन या गर्भधारण में परेशानी कई चिकित्सकीय कारणों से हो सकती है और इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह जरूरी मानी जाती है।
किसी भी अज्ञात दवा या जड़ी-बूटी का सेवन करने से पहले उसके घटकों और संभावित दुष्प्रभावों की जानकारी होना महत्वपूर्ण है। खासतौर पर ऐसी दवाएं, जिनकी संरचना या मात्रा स्पष्ट न हो, स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं।
हालांकि, इस मामले में अभी जांच पूरी नहीं हुई है और इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि दंपती की मौत का कारण वही हर्बल दवा थी।
पुलिस कर रही है पूरे मामले की पड़ताल
गोछापाड़ा पुलिस अब दंपती के संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ कर सकती है। साथ ही उस कथित पारंपरिक वैद्य की भूमिका की भी जांच किए जाने की संभावना है, जिससे दंपती ने उपचार लिया था।
जांच में यह भी देखा जाएगा कि दंपती ने दवा कब और कितनी मात्रा में ली थी, उसके बाद कितने समय में उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें उपचार के लिए कहां ले जाया गया। इन सभी तथ्यों से मौत के कारणों को समझने में मदद मिलेगी।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि क्या इसी तरह की दवा किसी अन्य व्यक्ति को भी दी गई थी और क्या पहले भी इससे संबंधित कोई शिकायत सामने आई है।
जागरूकता की जरूरत
कंधमाल की यह घटना केवल एक परिवार के लिए बड़ा दुख नहीं है, बल्कि यह भी बताती है कि संतान प्राप्ति जैसी संवेदनशील समस्या को लेकर लोग किस तरह अलग-अलग उपचार पद्धतियों का सहारा लेने को मजबूर हो सकते हैं। ऐसे मामलों में लोगों तक वैज्ञानिक और सुरक्षित चिकित्सा संबंधी जानकारी पहुंचाना जरूरी है।
फिलहाल कानू ईश्वर कन्हार और ललिता कन्हार की मौत की वास्तविक वजह पुलिस और चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कथित हर्बल दवा तथा उसे उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।





