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राजमहल फ्लाईओवर के नीचे बनेगी व्यवस्थित पार्किंग, 1.53 करोड़ से होगा कायाकल्प

Kavita2
4 Oct 2026 11:13 AM IST
राजमहल फ्लाईओवर के नीचे बनेगी व्यवस्थित पार्किंग, 1.53 करोड़ से होगा कायाकल्प
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भुवनेश्वर। राजधानी भुवनेश्वर में पार्किंग की बढ़ती समस्या से लोगों को राहत देने के लिए राजमहल फ्लाईओवर के नीचे खाली पड़ी जगह का इस्तेमाल अब व्यवस्थित पार्किंग के रूप में किया जाएगा। भुवनेश्वर डेवलपमेंट अथॉरिटी (BDA) ने इसके लिए योजना तैयार की है। करीब 562 मीटर लंबे फ्लाईओवर के नीचे की जगह का कायाकल्प कर वहां वाहनों की पार्किंग के साथ लोगों के बैठने की व्यवस्था और सजावटी पौधे लगाने की तैयारी है।

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य एजी स्क्वायर और कल्पना स्क्वायर के बीच पार्किंग की बढ़ती समस्या को कम करना है। इस इलाके में वाहनों की आवाजाही अधिक होने के कारण पार्किंग के लिए उचित स्थान की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। फ्लाईओवर के नीचे मौजूद खाली जगह का बेहतर इस्तेमाल होने से सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से खड़े होने वाले वाहनों की संख्या कम होने की उम्मीद है।

BDA ने अगस्त में इस विकास कार्य के लिए करीब 1.53 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया था। अब टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। BDA के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर हिमांशु जेना के मुताबिक, टेंडर से जुड़ी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही मौके पर काम शुरू होने की उम्मीद है।

योजना के तहत फ्लाईओवर के नीचे खाली हिस्से को केवल पार्किंग स्थल में ही नहीं बदला जाएगा, बल्कि पूरे क्षेत्र को व्यवस्थित और आकर्षक बनाने का प्रयास भी किया जाएगा। यहां लोगों के बैठने के लिए जगह तैयार की जाएगी। इसके अलावा आसपास की सुंदरता बढ़ाने के लिए सजावटी पेड़ और पौधे लगाने की योजना है।

राजमहल फ्लाईओवर करीब 562 मीटर लंबा है। इसके नीचे काफी जगह मौजूद है, लेकिन अभी इसका व्यवस्थित इस्तेमाल नहीं हो रहा है। अब BDA इसी जगह को विकसित कर शहरी जरूरतों के हिसाब से उपयोगी बनाने की तैयारी कर रहा है। इससे एक तरफ पार्किंग की सुविधा मिलेगी तो दूसरी तरफ फ्लाईओवर के नीचे का क्षेत्र भी साफ-सुथरा और बेहतर दिखाई देगा।

एजी स्क्वायर से कल्पना स्क्वायर के बीच का इलाका शहर के व्यस्त हिस्सों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में वाहन आते-जाते हैं। उचित पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण कई बार वाहन सड़क किनारे खड़े किए जाते हैं। इससे यातायात व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ता है। प्रस्तावित पार्किंग सुविधा शुरू होने के बाद वाहन चालकों को निर्धारित स्थान पर गाड़ी खड़ी करने का विकल्प मिलेगा।

फ्लाईओवर के नीचे विकास कार्य कराने का फैसला वहां की मौजूदा स्थिति को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच लिया गया है। उचित देखरेख और निगरानी नहीं होने के कारण खाली जगह का इस्तेमाल सही तरीके से नहीं हो पा रहा था।

बताया गया है कि खासकर शाम के समय फ्लाईओवर के नीचे का इलाका शराब पीने वाले लोगों का अड्डा बनता जा रहा है। निगरानी की कमी के कारण यहां की स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ रही थी। अब पार्किंग और अन्य सुविधाएं विकसित होने के बाद यहां नियमित गतिविधियां बढ़ेंगी और खाली जगह का उपयोग सार्वजनिक सुविधा के रूप में किया जा सकेगा।

BDA की योजना में क्षेत्र की सुंदरता पर भी ध्यान दिया गया है। सजावटी पेड़ लगाने से फ्लाईओवर के नीचे का हिस्सा अधिक आकर्षक बनाया जा सकेगा। आमतौर पर फ्लाईओवर के नीचे की खाली जगह उचित रखरखाव नहीं होने पर गंदगी और अव्यवस्था का शिकार हो जाती है। राजमहल फ्लाईओवर के मामले में इस जगह को सक्रिय सार्वजनिक क्षेत्र में बदलने की तैयारी है।

पार्किंग की व्यवस्था तैयार करते समय वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा करने के लिए स्थान निर्धारित किया जाएगा। इससे वाहन चालकों को सुविधा मिलने के साथ सड़क पर अनावश्यक पार्किंग को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है।

परियोजना में लोगों के बैठने की व्यवस्था शामिल किए जाने से फ्लाईओवर के नीचे की जगह का इस्तेमाल केवल वाहन खड़ा करने तक सीमित नहीं रहेगा। इसे ऐसा क्षेत्र बनाने की तैयारी है जहां जरूरत पड़ने पर लोग कुछ समय बैठ भी सकें। सजावटी पेड़ और अन्य सौंदर्यीकरण कार्य इस जगह को पहले की तुलना में बेहतर रूप देंगे।

इस पूरे विकास कार्य पर करीब 1.53 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब काम शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। परियोजना पूरी होने के बाद यह जगह किस तरह संचालित की जाएगी और पार्किंग की व्यवस्था का स्वरूप क्या होगा, इसकी विस्तृत तस्वीर काम आगे बढ़ने के साथ स्पष्ट होगी।

शहरों में बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के कारण पार्किंग एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। व्यस्त बाजारों और प्रमुख सड़कों के आसपास पर्याप्त पार्किंग नहीं होने से वाहन चालकों को परेशानी होती है। सड़क किनारे खड़े वाहन कई बार यातायात की रफ्तार को भी प्रभावित करते हैं। ऐसे में पहले से मौजूद शहरी ढांचे के नीचे खाली जगह का उपयोग पार्किंग के लिए करना उपलब्ध जमीन के बेहतर इस्तेमाल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।

राजमहल फ्लाईओवर के नीचे प्रस्तावित पार्किंग से आसपास आने वाले लोगों को अपने वाहन खड़े करने के लिए निर्धारित जगह मिलने की उम्मीद है। साथ ही अभी जिस स्थान की खराब स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उसका स्वरूप भी बदल सकेगा।

BDA के सामने विकास कार्य के साथ इस जगह की नियमित देखरेख भी महत्वपूर्ण होगी। पार्किंग बनने के बाद सफाई, सुरक्षा और निगरानी की उचित व्यवस्था बनाए रखना जरूरी होगा, ताकि दोबारा यहां अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।

खासकर शाम के समय फ्लाईओवर के नीचे शराब पीने वालों के जमा होने की शिकायतों को देखते हुए विकसित क्षेत्र की निगरानी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नियमित गतिविधियां और बेहतर रखरखाव होने से इस समस्या को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और BDA जल्द निर्माण एवं विकास कार्य शुरू करने की तैयारी में है। करीब 562 मीटर लंबे राजमहल फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग, बैठने की सुविधा और सजावटी पेड़ों के साथ पूरे क्षेत्र का कायाकल्प किया जाएगा।

परियोजना पूरी होने के बाद एजी स्क्वायर और कल्पना स्क्वायर के बीच पार्किंग की समस्या से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही अब तक खाली और अव्यवस्थित पड़ी जगह को शहर के लोगों के लिए उपयोगी बनाया जा सकेगा। 1.53 करोड़ रुपये की इस योजना के जरिए BDA का प्रयास पार्किंग की समस्या दूर करने के साथ राजमहल फ्लाईओवर के नीचे के क्षेत्र को साफ, व्यवस्थित और आकर्षक स्वरूप देने का है।

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