ओडिशा

Sundargarh : सांप के काटने से दो लोगों की मौत, अलग-अलग घटनाओं से इलाके में दहशत

Kavita2
18 July 2026 2:39 PM IST
Sundargarh : सांप के काटने से दो लोगों की मौत, अलग-अलग घटनाओं से इलाके में दहशत
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सुंदरगढ़ : ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में सांप के काटने की दो अलग-अलग घटनाओं में एक पुरुष और एक महिला की मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने शनिवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों पीड़ितों को गंभीर हालत में बोनाईगढ़ सब-डिविजनल अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पहली घटना बोनाईगढ़ पुलिस थाना क्षेत्र के तेलडीहा गांव की है। मृतक की पहचान परशुराम किसान के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, परशुराम शनिवार तड़के अपने घर से बाहर शौच के लिए गए थे। इसी दौरान झाड़ियों के पास छिपे एक विषैले सांप ने उन्हें काट लिया। सांप के काटते ही उन्होंने शोर मचाया, जिसके बाद परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।

परिजनों ने बिना समय गंवाए उन्हें इलाज के लिए बोनाईगढ़ सब-डिविजनल अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने तक उनकी हालत काफी गंभीर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इसी प्रकार दूसरी घटना जिले के एक अन्य क्षेत्र में हुई, जहां एक महिला को भी सांप ने डस लिया। महिला को भी गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि दोनों मामलों में प्रारंभिक जांच से स्पष्ट होता है कि मौत का कारण विषैले सांप का काटना है। हालांकि, सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों से पूछताछ कर घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। पुलिस ने बताया कि दोनों घटनाएं अलग-अलग स्थानों पर हुई हैं और इनमें किसी प्रकार की आपराधिक साजिश के संकेत नहीं मिले हैं।

बरसात के मौसम में सांपों के बिलों में पानी भर जाने के कारण वे अक्सर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर निकल आते हैं। खेतों, झाड़ियों, घरों के आसपास और खुले स्थानों पर सांपों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में सांप के काटने की घटनाएं भी बढ़ने लगती हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून के दौरान गांवों में विषैले सांपों का खतरा काफी बढ़ जाता है। कई बार लोग खेतों में काम करते समय या रात के समय घर से बाहर निकलते हुए सांपों की चपेट में आ जाते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जागरूकता अभियान चलाने और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) उपलब्ध कराने की मांग की है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सांप के काटने के बाद घबराने के बजाय पीड़ित को जल्द से जल्द निकटतम अस्पताल पहुंचाना सबसे जरूरी होता है। झाड़-फूंक या घरेलू उपचार पर भरोसा करने से स्थिति और गंभीर हो सकती है। समय पर एंटी-स्नेक वेनम मिलने से कई मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है।

पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में विशेष सतर्कता बरतें। रात के समय घर से बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करें, खेतों या झाड़ियों में काम करते समय जूते पहनें और यदि कहीं सांप दिखाई दे तो उसे पकड़ने या मारने का प्रयास न करें। ऐसे मामलों में वन विभाग या प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यू टीम को सूचना देना ही उचित होगा।

इन दोनों मौतों के बाद सुंदरगढ़ जिले में लोगों के बीच भय का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य केंद्र या पुलिस को सूचना देने की अपील की है। वहीं, पुलिस ने दोनों मामलों में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए जांच जारी रखी है।

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