
Odisha ओडिशा: सिजेरियन सेक्शन (C-सेक्शन) के दौरान एक महिला के कथित तौर पर जलने की गंभीर घटना के बाद, सुंदरगढ़ के एक प्राइवेट हॉस्पिटल को अनिश्चित काल के लिए बंद करने का आदेश दिया गया है। चीफ डिस्ट्रिक्ट मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ ऑफिसर (CDMO) डॉ. एस.सी. मोहंती ने न्यू लाइफ मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल को यह आदेश जारी किया है। हॉस्पिटल में हुई इस घटना में सोनाली सत्पथी नाम की महिला घायल हुई थीं।
घटना की जांच के बाद निर्णय लिया गया है कि न्यू लाइफ मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल 11 जून से काम करना बंद करेगा। यह कदम महिला की सुरक्षा और मेडिकल प्रैक्टिस में लापरवाही रोकने के लिए उठाया गया है। CDMO ने इसके अलावा इस सर्जरी करने वाली डॉक्टर डॉ. पुष्पमित्रा भितरिया का प्राइवेट प्रैक्टिस लाइसेंस रद्द कर दिया है। साथ ही ऑपरेशन में मदद करने वाले आयुष डॉक्टर मनोरंजन दास के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, सोनाली सत्पथी अपने पति आशीष पांडा के साथ सुंदरगढ़ डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर हॉस्पिटल गई थीं, क्योंकि उनकी डिलीवरी की तारीख नजदीक आ रही थी। वहां के एक ऑब्सटेट्रिशियन और गायनेकोलॉजिस्ट ने कपल को 10 अप्रैल को शहर में अपने प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती कराने की सलाह दी थी।
घटना के बाद अस्पताल और डॉक्टरों की मेडिकल प्रैक्टिस की जांच शुरू की गई। CDMO ने कहा कि मेडिकल पेशे में लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और स्वास्थ्य सेवाओं में मानक और नियमों का पालन अनिवार्य है।
प्राइवेट हॉस्पिटल में हुए इस गंभीर हादसे ने सुंदरगढ़ में चिकित्सा व्यवस्था की गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल खड़ा कर दिया है। अधिकारियों ने अस्पताल की सभी मेडिकल रिकॉर्ड और स्टाफ गतिविधियों की समीक्षा की है। बताया जा रहा है कि अस्पताल में सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी कई खामियां पाई गई हैं।
इस कदम को स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि मरीजों की सुरक्षा और मेडिकल मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। CDMO ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जिले में सभी प्राइवेट हॉस्पिटल्स और नर्सिंग होम्स की नियमित निरीक्षण प्रक्रिया को और कड़ा किया जाएगा।
इस मामले में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि दोषी पाए जाने वाले डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने मरीजों और उनके परिवारों में भी चिंता और भय पैदा किया है, लेकिन प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि आगे से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
सुंदरगढ़ जिले में यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा के महत्व को उजागर करता है। अधिकारियों का कहना है कि मरीजों के अधिकार और सुरक्षा सर्वोपरि हैं और कोई भी मेडिकल लापरवाही अनदेखी नहीं होगी।





